किंगफिशर के लिए खुद तेल आयात करेंगे माल्या

अगर विजय माल्या को सरकार से यह अनुमति मिल जाती है तो एटीएफ में हो रहे खर्चे में 22 फीसदी तक की कमी आ सकती है। आर्थिक तंगी के कारण किंगफिशर एयरलाइंस के पास विमान ईंधन खरीदने तक की भी कीमत नहीं थी। कर्ज में बुरी तरह डूब चुकी इस एयरलाइंस को बड़ी तेल कंपनियों ने विमान ईंधन देने से इंकार कर दिया था। जिसके बाद विजय माल्या ने सरकार से विदेशों से सीधे ही तेल आयात करने की इजाजत मांगी थी।
गौरतलब है कि दूसरी तिमाही में कंपनी का घाटा पहली तिमाही से बढ़कर डबल हो गया है। 30 सितंबर को समाप्त हुई दूसरी तिमाही में कंपनी का घाटा बढ़कर 468.66 करोड़ का हो गया है। जिसके बावजूद भी विजय माल्या ने कहा है कि उन्होंने सरकार या बैंकों से किसी तरह की मदद की गुहार नहीं की है। इन घाटों की वजह से विजय माल्या ने घाटे वाले रूट पर विमान सेवाएं बंद कराने की मांग भी की थी।












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