नक्सल प्रभावित जिलों में विकास कार्यों के बेहतर नतीजे: रमन सिंह

सिंह ने कहा कि इन जिलों के ऐसे रचनात्मक कार्यों को मीडिया के सहयोग से देश और दुनिया के सामने लाने की जरूरत है, जिससे विकास के मामले में छाीसगढ़ की और भी अधिक उज्जवल छवि समाज के सामने आ सके और प्रभावित जिलों की जनता में भी आत्म विश्वास बढ़े। सिंह ने कहा कि राज्य सरकार के निर्णय के अनुरूप अकेले बस्तर संभाग में विगत एक वर्ष में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों पर लगभग छह हजार स्थानीय बेरोजगारों को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है। इससे वहां के निवासियों में शासन-प्रशासन के प्रति विश्वास की भावना जाग्रत हुई है।
बीजापुर और कोरिया जिले में महिला स्व-सहायता समूहों ने स्वरोजगार की मिसाल कायम की है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन और पुलिस के अधिकारी और कर्मचारी मैदानी स्तर पर हिम्मत के साथ बेहतर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को आम जनता की समस्याओं को हल करने के लिए हमेशा उपलब्ध रहना चाहिए। छोटी-छोटी समस्याओं का निराकरण हो जाए तो बड़ी समस्याएं स्वत: समाप्त हो जाती है।
मुख्यमंत्री ने इस दौरान राज्य के 10 नक्सल प्रभावित जिलों में एकीकृत कार्य योजना के तहत हो रहे विकास कार्यों की भी समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने समीक्षा करते हुए कहा कि प्रदेश की कानून व्यवस्था में काफी सुधार हुआ है, लेकिन हमें इस दिशा में लगातार सतर्क रहने की जरूरत है। जुआ, सट्टा, अवैध शराब के कारोबार सहित कोयला तस्करी जैसी अवैधानिक गतिविधियों पर कठोरता से अंकुश लगाया जाए। उन्होंने राज्य में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर चिन्ता व्य करते हुए कहा कि इन हादसों को रोकने के लिए सभी संबंधित विभागों और एजेंसियों के साथ समन्वय बनाकर उचित कदम उठाए जाने चाहिएं।












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