यूपी के बटवारे का प्रस्ताव, सरकार की गलत नीति: बेनी

सीधे -सीधे जनता को मूर्ख बनाने की कोशिश है। वर्मा ने सवालों के जवाब में कहा कि यदि मायावती राज्य के पुनर्गठन पर गंभीर थी तो उन्होंने साढे़ चार साल तक इस दिशा में कोई ठोस कदम क्यों नही उठाया। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य के विभाजन एवं पुनर्गठन के लिए जमीनी स्तर पर कहीं कोई गंभीर मांग भी नहीं उठी है।
यह कहते हुए कि कांग्रेस पार्टी छोटे राज्यों के गठन की विरोधी नहीं है वर्मा ने कहा कि ऐसा गंभीर कदम उठाने के लिए यह समय उपयुक्त नहीं है। बल्कि इसके लिए राज्य पुनर्गठन आयोग बनाकर गंभीरता से विचार होना चाहिए। इलाहाबाद के फूलपुर में हुई राहुल गांधी की रैली में जो कुछ हुआ उसके बारे में पूछे जाने पर वर्मा ने कहा कि वे व्यक्तिगत रूप से राहुल गांधी के आक्रामक रूख से बहुत खुश है क्योंकि उससे उत्तर प्रदेश में शीघ्र परिवर्तन की संभावना दिखती है।
अगले वर्ष होने वाले राज्य विधान सभा चुनाव में किसी भी दल को बहुमत नहीं मिल पाने की अटकलों खारिज करते हुए वर्मा ने दावा किया कि कांग्रेस - रालोद गठबंधन को अपने दम पर विधानसभा की 403 में से 200 से अधिक सीटों पर जीत मिलने वाली है जबकि बसपा 100 का आंकडा पार नहीं कर पायेगी। उन्होंने दावा किया कि सपा 50 और भाजपा 30 सीटों के भीतर सिमट जायेगी।
एक सवाल के जवाब में केन्द्रीय इस्पात मंत्री ने कहा कि उनका मंत्रालय उत्तर प्रदेश में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए नयी इस्पात इकाइया लगाना चाहता है। पर राज्य सरकार जमीन उपलब्ध कराने में सहयोग नही कर रही। जबकि बिहार और मध्य प्रदेश की सरकारें इस संबंध में पूरा सहयोग कर रही हैं। हाल ही में रूस के दौरे से लौटे वर्मा ने बताया कि शीघ्र ही राष्ट्रीय खनिज विकास निगम (एनएमडीसी) रूस की सबसे बडी इस्पात कंपनी के साथ कर्नाटक में एक संयुक्त उपक्रम शुरू करने वाला है।












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