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कार्बेट पार्क में सबसे ज्‍यादा बाघ की आबादी, कुल 214 बाघ

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tigers
रिषिकेश। बाघ संरक्षण के लिये स्थापित एशिया का पहला और विश्व का तीसरा राष्‍ट्रीय पार्क कार्बेट नेशनल पार्क अपनी स्थापना के मकसद को साकार करते हुये आजकल प्लेटिनम जुबली वर्ष मना रहा है। पार्क में बाघों की संख्या बढ़कर 214 बाघ हो गयी है तथा बाघों की आबादी का सबसे ज्यादा घनत्व भी यहीं पाया गया है।

पार्क के निदेशक रंजन कुमार मिश्रा ने विशेष बातचीत में बताया कि आठ अगस्त 1936 को एशिया में पहले राष्ट्रीय उद्यान के दर्जे के साथ कार्बेट नेशनल पार्क स्थापित किया गया था। उत्तराखण्ड के गढ़वाल-कुमांउ की हरी भरी वादियों के 323.75 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल को शामिल कर यह विश्व का तीसरा राष्ट्रीय उद्यान बना। वर्ष 1966 में कार्बेट नेशनल पार्क को विस्तारित कर इसका क्षेत्रफल 520.82 वर्ग किलोमीटर कर दिया गया।

बाद में कालागढ़ वन प्रभाग रामनगर वन प्रभाग तराई पश्चिम वन प्रभाग के कुछ वन क्षेत्रों को शामिल कर इसका विस्तार 1288.31 वर्ग किलोमीटर में हो गया। रंजन ने बताया कि इस दौरान बाघ हाथियों के संरक्षण के कार्य उपलब्ध संसाधनों के हिसाब से होते रहे। लेकिन 1970 के दशक के आसपास बाघों की आबादी सारे देश में घटने लगी तो इन्हें बचाने के लिये एक अप्रैल 1973 को कार्बेट नेशनल पार्क को बाघ परियोजना में शामिल कर लिया गया।

उन्होंने बताया कि 1976 में इस पार्क में 57 बाघ, 28 तेंदुए, 128 हाथी, 9100 चीतल, 1650 सांभर तथा 950 कांकड़ होने की अनुमानित गणना आयी। इसके बाद वन्य जीवन संरक्षण कानून 1972 के कठोर प्रावधानों के साथ संरक्षण कार्य बहुत तेजी से हुआ।

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English summary
Corbett National Park Giving details of the number of tigers lost in the country.
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