दूसरे दिन भी जारी डॉक्टरों की हड़ताल, मरीज बेहाल

जिसके कारण इलाज करवाने आए मरीजों व परिजनों को बुरा हाल है। सरकार की तरफ से उनकी मांगों को लेकर को संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विस एसोसिएशन ने अनिश्चकालीन हड़ताल पर जाने का फैसला किया है। फिलहाल सभी सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकीय सेवाओं के साथ पोस्टमार्टम भी नहीं करेंगे। यह जानकारी एसोसिएशन के जिला प्रधान डॉ. अशोक चौधरी ने दी।
उन्होंने बताया कि एसोसिएशन के प्रदेश स्तरीय आह्वान पर की जा रही हड़ताल में आज जिले के कुल 99 चिकित्सकों के साथ एसोसिएशन के सदस्य दो डिप्टी सीएमओ, डॉ. राजेश बुडानिया और डॉ. एसके गुप्ता भी हड़ताल में शामिल हो गए। अब हिसार में केवल सीएमओ डॉ. जेएस ग्रेवाल ही हड़ताल में शामिल नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के चिकित्सकों की विभिन्न मांगों को लेकर सरकार पिछले करीब दो साल से अनदेखी कर रही है। सरकार ने आश्वस्त किया था कि वे पंजाब राज्य की अपेक्षा हरियाणा प्रदेश की बेहतर स्वास्थ्य पॉलिसी बनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि अब तक सरकार ने इस ओर कोई विशेष काम नहीं किया है।
विभाग के उच्चाधिकारियों ने अस्पताल में आने वाले मरीजों के उपचार के लिए फौरी तौर पर होम्योपैथिक और आयुर्वेद के चिकित्सक डॉ. सुखबीर वर्मा और डॉ. छाया लांबा को ड्यूटी पर बैठाया। दूसरी ओर यह देखकर हड़ताल पर चल रहे चिकित्सकों ने इस पर एतराज जताते हुए कहा कि सरकार इस प्रकार की नीति अपनाकर कर्मचारियों में तो आपस में मतभेद पैदा कर ही रही है साथ ही अस्पताल में आने वाले मरीजों के स्वास्थ्य के साथ भी खिलवाड़ कर रही है।
दो दिन से चल रही इस हड़ताल से अस्पताल में आने वाले मरीजों की संख्या पर भी प्रभाव पड़ा है। इन दो दिनों में मरीजों की औसत में भी कमी आई है। अस्पताल के काउंटर पर उपचार के लिए पर्ची काटने वाली कर्मी प्रियंका ने बताया कि दो दिन पहले अस्पताल में औसतन 500 से 600 नए व पुराने मरीज उपचार के लिए आते थे, मगर अब यह संख्या घटकर केवल 100 से 150 की रह गई है।












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