यूपी में अन्ना हजारे की राह पर कई संगठन

एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म (एडीआर) और नेशलन इलेक्शन वॉच (एनईडब्लू) के नेतृत्व में प्रदेश में 300 से अधिक एनजीओ संगठित हो रहे हैं जो राज्य के विभिन्न इलाकों में जारूकता कार्यक्रम चलाएंगे। इन जागरूकता कार्यक्रमों में लोगों को इस बात के लिए प्रेरित किया जाएगा कि वह दागी व अपराधी प्रवृत्ति के नेताओं को वोट न दें क्योंकि यदि अपराधी छवि के लोग सदन में बैठेंगे तो न तो विकास की बात होगी और न ही जनता की समस्याओं को दूर करने पर कोई निर्णय हो सकेगा। इतना ही नहीं अपराधियों के राजनीति में आने से प्रदेश में अपराध ही बढ़ेगा।
एडीआर के संयोजक अनिल बैरवाल का कहना है कि वह संगठन की ओर से मुख्यमंत्री मायावती व सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह समेत अन्य राजनेताओं को पत्र लिखकर अपील करेंगे कि चुनाव में आपराधिक छवि वाले उम्मीदवारों को न खड़ा करें। इसके बावजूद यदि पार्टियां अपराधियों को चुनाव में उतारती हैं तो लोगों को इन्हें वोट न देने की अपील की जाएगी। उनका कहना है कि इसके लिए अभी से तैयारियां की जा रही हैं तथा कई एनजीओ उनके साथ जुड़ रहे हैं। चुनाव में अपराधिक छवि के उम्मीदवारों को वोट न दे इसके लिए चुनाव के दौरान एसएमएस, बैनर, प्रदर्शनी व छोटी-छोटी सभाओं को सहारा लिया जाएगा।
इतना ही नहीं अपराधिक छवि वाले नेताओं के बारे में जानकारी देने के लिए एक हेल्प लाइन शुरू की जाएगी जिस पर लोग चुनाव प्रत्याशी के बारे में जानकारी तो ले ही सकेंगे साथ मतदान सम्बंधी किसी भी प्रश्न का उत्तर भी ले सकेंगे। इस हेल्प लाइन पर छोटे बड़े सभी शहरों के उम्मीदवारों तथा क्षेत्रीय दलों व उनके प्रत्याशियों पर दर्ज मामलों की भी जानकारी मिल सकेगी। ज्ञात हो कि पिछले लोकसभा चुनाव में भी एडीआर ने एक ऐसी ही हेल्प लाइन शुरू की थी जिसके बावजूद कई अपराधिक छवि वाले लोग संसद पहुंच गए थे।












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