गद्दाफी की मौत के साथ आजाद हुआ लीबिया, नाटो सेना जाएगी वापस
लीबिया
के निरंकुश शासक कर्नल मुअम्मर गद्दाफी की मौत के साथ ही वहां से निरंकुश शासन का अंत हो गया। गद्दाफी ने वहां की जनता को बर्बरता से मारा था। वहां की जनता को गद्दाफी की तानाशाही से निजात दिलाने के लिए वहां नाटो और अमेरिका की सेना ने संयुक्त अभियान चलाया था। अब वहां की जनता को आजादी मिल चुकी है। इसके साथ ही नाटो ने भी घोषणा कर दी है कि वह लीबिया में पिछले सात महीने से चले आ रहे अपने हवाई और समुद्री अभियान को 31 अक्तूबर को खत्म करने की योजना बना रहा है। id="toptextpromo">नाटो
प्रमुख एंडेस फाग रैसमुसेन के मुताबिक इस बारे में अमेरिका और लीबिया के अंतरिम अधिकारियों से बातचीत के बाद अगले सप्ताह औपचारिक फैसला होगा। रैसमुसेन ने 28 सदस्यीय गठबंधन के सदस्य देशों के राजदूतों के साथ बातचीत के बाद कहा हम इस बात पर सहमत हुए हैं कि हमारा अभियान खत्म होने के बहुत करीब है और हमने प्रारंभिक तौर पर ऑपरेशन यूनिफाइड प्रोटेक्टर को 31 अक्तूबर को खत्म करने का फैसला किया है। उन्होंने कहा, इस बीच, मैं संयुक्त राष्ट और लीबिया की अंतरिम परिषद् नेशनल टांजिशनल काउंसिल से भी बातचीत करूंगा। id='are-slot-1' class='oiad oi-axt oiadv'> id='top-searched-articles'>नाटो
प्रमुख के मुताबिक हमें अपने साथियों जिनमें से कई इसी क्षेत्र से हैं, के साथ मिली हमारी इस उपलब्धि पर गर्व है। उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि लीबिया का पूर्व शासक कभी भी उनका निशाना नहीं रहा। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि नाटो के पास गद्दाफी के पुत्र सैफ अल-इस्लाम के बारे में कोई जानकारी नहीं थी।











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