दाऊद का राजदार इकबाल मिर्ची हुआ जेल से रिहा

सीबीआई की इंटरपोल शाखा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि वे अब भी लंदन स्थित इंटरपोल अधिकारियों के साथ संपर्क में हैं और सभी कानूनी पहलुओं पर किया जा रहा है। पर उनके अनुसार मिर्ची के खिलाफ सबूतों के अभाव में अदालत को प्रत्यर्पण के लिए मनाना आसान नहीं होगा। उनके अनुसार मिर्ची 1993 के मुंबई बम धमाके का आरोपी नहीं है और उसके खिलाफ रेड कार्नर नोटिस मुंबई पुलिस की मादक पदार्थो की तस्करी के आरोपों से संबंधित एफआईआर के आधार पर जारी की गई है।
उन्होंने कहा कि पिछले दो दशक के दौरान मिर्ची के खिलाफ मौजूद सबूतों में बदलाव नहीं हुआ है। जबकि उन सबूतों के आधार पर 1995 में लंदन की अदालत मिर्ची के प्रत्यर्पण से पहले ही इंकार कर चुकी है। डी कंपनी की गतिविधियों पर विशेष नजर रखने वाले गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों को भी इकबाल मिर्ची के प्रत्यर्पण की उम्मीद नहीं है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इस संबंध में मुंबई पुलिस को सीबीआइ की इंटरपोल शाखा से संपर्क कर जरूरी कदम उठाने के निर्देश दे दिए गए हैं।












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