चिदंबरम इस्तीफा दें नहीं तो उन्हें हटा दिया जाए: राजनाथ

राजनाथ ने कहा कि जिस तरह वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी के पत्र ने गृह मंत्री चिदम्बरम पर सवालिया निशान लगा दिए हैं उससे चिदम्बरम ही नहीं प्रधानमंत्री और उनकी पूरी सरकार कटघरे में खड़ी हो गयी है। उन्होंने सरकार ने अपनी नैतिकता खो दी है अत: देश में मध्यावधि चुनाव कराया जाना आवश्यक हो रहा है। राजनाथ ने कहा कि टू जी स्पेक्ट्रम घोटाले को लेकर केन्द्र के दो मंत्री प्रणब मुखर्जी और चिदम्बरम आमने सामने आ गए हैं उससे देश की जनता यह सोचने पर विवश हो गयी कि आखिर देश के बागडोर किन हाथों में सौंपी गयी है। उनका कहना है कि वर्तमान घटनाक्रम से साफ हो गया है कि टू जी स्पेक्ट्रम मामले में चिदम्बरम के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि अब चिदम्बरम से इस्तीफा ले लिया जाना चाहिए और यदि वह इसमें आनाकानी करें तो उन्हें मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर देना चाहिए। यह बहुत गंभीर मसला है और भाजपा इसे लेकर संसद से सड़क तक आन्दोलन करेगी। उन्होंने कहा क संसद के आगामी सत्र में यह मामला जोरदार ढंग से उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री भले ही यह बयान दे रहे हों कि विपक्ष सरकार गिराना चाहता है लेकिन हकीकत में ऐसा नहीं है। मनमोहन सरकार अपने कारनामों से खुद ही फंसती जा रही है उसके मंत्री ही सरकार के खिलाफ हो रहे हैं।
राजनाथ सिंह ने कहा कि चिदम्बरम के ऊपर लगे आरोपों की सीबीआई से जांच करायी जानी चाहिए। चिदम्बरम की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं क्योंकि भाजपा तो जांच की मांग कर ही रही है वहीं साथ ही उच्चतम न्यायालय ने सीबीआई से तत्कालीन वित्त सचिव डी. सुब्बाराव के बयानों की फाइल भी तलब कर ली है हालांकि सीबीआई ने एक दिन पहले न्यायालय से कहा था कि जनता पार्टी अध्यक्ष सुब्रमण्यम स्वामी द्वारा दाखिल नये दस्तावेजों की जांच की जरूरत नहीं है।












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