साहब को खुश करने के लिए गिफ्ट की आल्टो कार

यह भेंट समारोह अब विवादों के घेरे में आ गया है। आखिर चार कर्मचारियों ने अलग से विदाई समारोह आयोजित कर तीन लाख रुपये का तोहफा टीएम को क्यों दिया? इसके पीछे उनका मकसद क्या था? जैसे कई सवाल उठ खड़े हुए हैं। विदाई समारोह में उपस्थित रोडवेज महाप्रबंधक लाजपत राय यादव ने भी कर्मचारियों द्वारा इतना महंगा उपहार टी.एम. को दिए जाने पर सवाल खड़े कर दिए। उन्होंने समारोह में उपस्थित भीड़ के बीच खुलकर कहा कि जिन कर्मचारियों का अपनी तनख्वाह से घर का गुजारा बमुश्किल चल पाता है, वे लाखों रुपए का तोहफा एक अधिकारी को भेंट कर रहे हैं।
यह तरीका सही नहीं है। इससे निश्चिचत तौर पर भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलेगा। सूत्रों के मुताबिक जी.एम. ने समारोह में टी.एम. आर.एस. पूनियां से भी मुखातिब होकर कहा कि जिन कर्मचारियों से आप इतना महंगा गिफ्ट ले रहे हैं, उनके खिलाफ भ्रष्टाचार संबंधी कोई शिकायत आने पर किस मुंह से कार्रवाई कर पाएंगे। जीएम की यह साफगोई सुनकर समारोह में उपस्थित कर्मचारी बगले झांकने लगे। जिला राजस्व अधिकारी ओपी वर्मा, तहसीलदार ओपी बिश्रोई भी समारोह में मौजूद थे। जिला राजस्व अधिकारी ओपी वर्मा ने कहा कि रोडवेज द्वारा उन्हें समारोह का निमंत्रण दिया गया था। टीएम आरएस पूनियां को कर्मचारियों ने कार भेंट की, इस संबंध में वे कोई प्रतिक्रिया नहीं दे सकते। रोडवेज कर्मचारी यूनियन ने इस समारोह से खुद को अलग बताया है।
डिपो कर्मचारी नेता हरिसिंह गोदारा ने कहा कि यूनियन ने पूर्व में विदाई समारोह आयोजित कर दिया था। समारोह में सभी कर्मचारियों ने 100-100 रुपये का सहयोग देकर टीएम पूनियां को एलसीडी भेंट की थी। बीते दिवस हुआ समारोह कंडक्टर नंबर 106 रामस्वरुप, कंडक्टर नंबर 59 संत लाल, ड्राइवर रामकुमार चुरणीयां व इलेक्ट्रीशियन रामस्वरुप की ओर से आयोजित था और उन्होंने ही अपने निजी कोष से टी.एम. को आल्टो कार भेंट की है। गोदारा ने कहा कि रोडवेज महाप्रबंधक लाजपत राय यादव ने इतना महंगा गिफ्ट टी.एम. को देने पर जो आपत्ति जताई, उसका यूनियन समर्थन करती है। यूनियन का मानना है कि एक अधिकारी को लाखों रुपए का उपहार देना ठीक नहीं। जी.एम. लाजपत राय यादव ने बताया कि कल जो हुआ, वह ठीक नहीं था। ऐसा नहीं होना चाहिए। बता दें कि सिरसा डिपो में करीब 11 साल तक यातायात प्रबंधक रहे आरएस पूनियां का तबादला फतेहाबाद डिपो कर दिया गया है। गत 13 सितंबर को सिरसा डिपो से उन्होंने चार्ज छोड़ दिया और इसके अगले दिन फतेहाबाद में चार्ज संभाल लिया। इसके एक हफ्ते बाद डिपो कर्मचारी यूनियन ने विदाई समारोह का आयोजन कर उन्हें सम्मानित किया।
कचोट रहे सवाल
बीते दिवस उक्त चार कर्मचारियों द्वारा अपने स्तर पर किया गया हाईफाई विदाई समारोह विवादों के कटघरे में आ गया है। सवाल उठने लगे हैं कि क्या टीएम आरएस पूनियां ने सिरसा डिपो में अपने लंबे कार्यकाल के दौरान उक्त कर्मचारियों को किसी तरह का फायदा पहुंचाया या फिर ये कर्मचारी खाते-पीते घराने से ताल्लुक रखते हैं और सवाल यह भी है कि टीएम ने आखिर इन कर्मचारियों से इतनी महंगी कार की चाबी स्वीकार क्यों की? वे भविष्य में इन कर्मचारियों के खिलाफ किसी प्रकार की शिकायत पर कार्रवाई करने में हिचकिचाएंगे नहीं? अगर ऐसा नहीं है तो तीन लाख रुपए की आल्टो कार टी.एम. को लेने व कर्मचारियों को देने की जरूरत क्यों आन पड़ी। समझाने की जरूरत नहीं, यह पब्लिक है सब जानती है।












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