लखनऊ में इंडियन मुजाहिद्दीन का आतंकी गिरफ्तार

पूछताछ में उसके सफेदपोश लोगों से सम्बंध उजागर हुआ। अधिकारियों से लेकर राजनेतओं, विधायकों व पुलिस अधिकारियों के चहेते हसन को हिरासत में लेते ही पुलिस पर उसे छोडऩे का दबाव बनने लगा लेकिन पुलिस ने उसे छोडऩे से इनकार कर दिया।
मुम्बई पुलिस व लखनऊ सर्विलांस सेल के संयुक्त अभियान में धरे गए वजीर हसन ने कई खुलासे भी किए। उसने बताया कि वह कई आपराधिक वारदातों को अंजाम दे चुका है तथा उसकी पहुंच बहुत ऊपर तक है। पुलिस ने बताया कि वह महाराष्ट्र के कई ऐसे लोगों से सम्बंध हैं जो सीधे तौर पर डी कम्पनी से जुड़े हैं। गिरफ्तार हसन इण्डियन मुजाहिद्दीन का सक्रिय कार्यकर्ता है।
डीआईजी डीके ठाकुर ने बताया कि वह राजधानी में बीते दो वर्षों से रह रहा थ। अपने शुरूआती दौर में मुम्बई में 2002 में तीन हजार रुपये मासिक वेतन पर एक मेडिकल स्टोर में कार्य करता था। पुलिस ने बताया कि महाराष्ट्र के ठाणे जिले में वर्ष 2009 में हुई दो हत्याओं के मामले में सैयद वजीर हसन वांछित चल रहा था। वर्तमान में उसके पास करोड़ों रुपये की सम्पत्ति है।
वह लखनऊ के ठाकुरगंज इलाके में पांच मंजिला एक अपार्टमेंट बनवा रहा है और दुबग्गा में वह प्रापर्टी डीलिंग भी कर रहा है। उसने यह भी बताया कि राजधानी में उसके कई अपराधिक लोगों से संबंध हैं। वर्ष 2009 में उसका एक साथी स्पेशल टास्क फोर्स के हाथों फर्जी वीजा व पासपोर्ट के साथ गिरफ्तार किया गया था। उसके कई साथियों के डी कंपनी से भी संबंध हैं। पुलिस के अनुसार सैय्यद वजीर हसन मूलरूप से आजमगढ़ के गंभीरपुर थाना क्षेत्र का रहने वाला है।
लखनऊ में रहकर वह बिल्डर व प्रापर्टी डीलिंग का काम कर रहा था। इस शातिर अपराधी का पता उस वक्त चला जब उसकी तलाश में मुम्बई पुलिस की एक टीम लखनऊ आयी। इसके बाद मुम्बई पुलिस ने क्राइम ब्रांच व सर्विलांस सेल के साथ मिलकर एक संयुक्त अभियान चलाकर उसका पता लगाया। गिरफ्तार के बाद मुम्बई पुलिस उसे अपने साथ महाराष्ट्र ले गयी।












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