घटिया सामान बेचा तो लगेगा 10 लाख का जुर्माना, होगी उम्रकैद

उन्होंने कहा कि इस अधिनियम में घटिया और मिसब्रांड खाद्य सामग्री की बिक्री करने पर 10 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है तथा उपभोक्ताओं द्वारा असुरक्षित भोजन खाने से क्षति होने पर छ: साल की कैद के साथ पांच लाख रुपये तक के जुर्माने का भी प्रावधान है। यदि असुरक्षित भोजन से मृत्यु हो जाने की स्थिति में सात साल की जेल की सजा, जिसे आजीवन कारावास तक बढ़ाया जा सकता है, के साथ 10 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने सरकारी खाद्य निरीक्षकोंं, जो इससे पूर्व खाद्य मिलावट अधिनियम के प्रावधानों को लागू करते थे उन्हें दोबारा जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी नियुक्त किया है और इस प्रकार से नियुक्त अधिकारियों को उचित ढंग से इस नये अधिनियम को लागू करने के लिए शीघ्र प्रशिक्षित किया जाएगा। सरकार ने अधिसूचित किया है कि प्रदेश के जिलों में अतिरिक्त उपायुक्त अपने-अपने जिलों में अधिनिर्णायक अधिकारी के रूप में कार्य करेंंगे। प्रदेश के सभी सिविल सर्जनों को अपने-अपने जिलों में एक वर्ष की अवधि के लिए अधिकारी के रूप में नियुक्त कराया गया है।
उन्होंने बताया कि नये खाद्य सुरक्षा एवं मानक विनियम 2011 के तहत पदनामित अधिकारी और खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की कार्य प्रणाली का परीविक्षण कलैक्टर या जिला के डिस्ट्रिक्ट मैजिस्टे्रेट द्वारा किया जाएगा। डॉ. गुप्ता ने कहा कि इस नये अधिनियम के उत्साहवर्धक परिणाम आने वाले दिनों में मिलने आरम्भ हो जाएंगे। सभी अधिकारियों को प्रशिक्षित किया जाएगा तथा विभाग को पूरी तरह व्यवसायिक संगठन बनाने के लिए इस अधिनियम को लागू किया जाएगा। उन्होंने खाद्य सुरक्षा मानकों का अनुसरण करने के लिए फूड बिजनैस ऑपरेटर्स को प्रोत्साहित करने के लिए उन्हें व्यावसायिक गुणवत्ता मान्यता प्राप्त एजेंसी के सहयोग से मान्यता दी जाएगी ताकि लोग इन आपरेटरों से खाद्य सामग्री ले सकें।












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