चिल्लाते रह गये बुखारी, मुस्लिमों ने एक नहीं सुनी
गौरतलब है कि दिल्ली के जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी ने सारे मुस्लिम भाईयों को अन्ना के अनशन और आंदोलन से दूर रहने की सलाह दी थी, उनका कहना था कि अन्ना का अनशन इस्लाम विरोधी है। बुखारी ने आरोप लगाया कि अन्ना का अनशन आरएसएस से प्रेरित है। इसलिए अन्ना का अनशन इस्लाम विरोधी है।
उन्होंने वंदमातरम और भारत माता की जय के लिए बोला ये इस्लाम के विरूद्ध है इसलिए मुसलमानों को वहां नहीं जाना चाहिए लेकिन जहां इमाम साहब ने अन्ना के आंदोलन में शामिल होने से मुस्लिम समुदाय को रोका है वहीं दारूल उलूम देवबंद ने अन्ना हजारे का समर्थन किया है।
बुखारी के रवैये को देखते हुए सिविल सोसायटी की अहम सदस्य किरण बेदी ने बुखारी से मुलाकात की और उन्हें अन्ना आंदोलन के बारे में बताया। बेदी ने बुखारी को रामलीला मैदान आने के लिए आग्रह भी किया। लेकिन बुखारी की ओर से कोई प्रतिक्रिया अभी तक नहीं आयी है। आपको बता दें सोमवार की शाम को रामलीला मैदान में जोर-शोर से रोजा इफ्तारी भी हुई और रात में धूम-धाम से जन्माष्टमी बनायी गयीं। जिसमें सभी धर्म के लोग शामिल हुए।













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