अन्ना की रिहाई का वारंट जारी, दिल्ली से बाहर भेज सकती है पुलिस

सरकार को शायद यह अहसास नहीं था कि अन्ना हजारे की गिरफ्तारी के बाद उन्हें इस तरह जनता का समर्थन मिलेगा। लोगों को सड़कों पर उतरता देख और अपने खिलाफ तैयार होते जनाधार को देखकर यूपीए सरकार दबाव में आ गई। अब से कुछ देर पहले ही किरण बेदी ने हजारों समर्थकों के साथ मिलकर कैंडल मार्च निकाला था। इसके बाद आनन-फानन में सरकार ने दिल्ली पुलिस को अन्ना की रिहाई का आदेश दे दिया। उन पर लगे सारे आरोप वापस हो गए।
अब देखना है कि जेल से बाहर निकलकर अन्ना हजारे क्या कदम उठाते हैं। वे तय कार्यक्रम के तहत अपना अनशन जारी रखते है या नहीं। इससे पहले दिल्ली पुलिस भी उनको इस शर्त पर छोड़ने को तैयार थी कि अगर वे लिखित में लिखकर दें कि वे अनशन नहीं करेंगे। अन्ना हजारे ने दिल्ली पुलिस के इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया था। जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने उन्हें तिहाड़ जेल भेज दिया था। अन्ना के समर्थकों के कारण सरकार दबाव में आ गई। अब अन्ना हजारे जेल से बाहर निकलकर सरकार के लिए मुश्किलें और बढ़ाने वाले हैं।












Click it and Unblock the Notifications