पुणे में पुलिस फायरिंग से 4 किसानों की मौत, 25 पुलिसकर्मी घायल

प्राप्त जानकारी के अनुसार पिम्परी-छिंछवाड क्षेत्र के लोगों के लिए पवाना बांध से कृषि की जगह पेय जल छोड़े जाने के राज्य सरकार के निर्णय के विरोध में तालेगांव धबाडे गांव में लगभग सात हजार किसानों ने प्रदर्शन किया। पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार किसानों ने प्रदर्शन के दौरान कइ निजी वाहनों को आग के हवाले कर दिया और पुलिस टीम पर पथराव भी किया। पुलिस के आला अधिकारी ने बताया कि प्रदर्शन के दौरान किसानों की तरफ से किये गये पथराव में लगभग 25 पुलीसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गये।
पुलिस की मानें तो किसानों के प्रदर्शन के मद्देनजर एहतिहात के तौर पर मुंबई-पुणे राजमार्ग पर यातायात बंद कर दिया गया है। खबर लिखे जाने तक पानी छोड़े जाने के मामले को लेकर बात की जा रही है। बातचीत से पहले भी पुलिस ने किसानों पर लाठीचार्ज किया मगर उसके बाद भी किसानों ने प्रदर्शन ठप नहीं किया।
गांव के ही एक किसान ने बताया कि पिंपरी-छिंछवाड नगर निगम क्षेत्र के लिए पवाना बांध से पानी छोड़ने के सरकार के निर्णय का किसानों ने कड़ा विरोध किया।इसी दौरान पुलिस के आला अधिकारी ने बताया कि स्थिति अब नियंत्रण में है। उन्होंने बताया कि फायरिंग में घायल एक व्यक्ति को पुणे के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। आपको बताते चलें कि वर्तमान समय में देश के कई राज्यों के किसान काफी उग्र हो चुके हैं। कहीं पानी को लेकर, भूमी को लेकर तो कहीं भूमी के मुआवजों को लेकर प्रदर्शन किया जा रहा है।












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