हाईकोर्ट ने उठाए हरियाणा सरकार की भूमि अधिग्रहण नीति पर सवाल

Haryana Farmers
चंडीगढ़। गुडग़ांव के विवादित भूमि अधिग्रहण मामले की सुनवाई के दौरान प्रदेश सरकार ने हाईकोर्ट में अपना पक्ष रखा। राज्य के एडवोकेट जनरल हवा सिंह हुड्डा ने भूमि अधिग्रहण नीति की पुरजोर वकालत करते हुए कहा कि भू अधिग्रहण जनहित में हो रहा है। जस्टिस जसबीर ङ्क्षसह एवं जस्टिस एजी मसीह की खंडपीठ मामले की सुनवाई कर रही है।

वहीं इस मामले पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार की पॉलिसी पर सवाल उठाया। जस्टिस जसबीर सिंह व जस्टिस एजी मसीह की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि किसान अपनी जमीन बचाने के लिए कॉलोनाइजरों से हाथ मिला रहे हैं। ऐसे में सरकार जवाब दे कि क्या कॉलोनाइजरों से हाथ मिलाकर किसान अपनी भूमि बचा सकते हैं।

हाईकोर्ट भूमि अधिग्रहण के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त पेंटर अंजोलि इला मेनन समेत कुल 12 याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। अलग-अलग याचिकाओं में गुडग़ांव के सेक्टर 58 से 63 व 65 से 67 का विकास करने के नाम पर गुडग़ांव के डीसी ने दो जून, 2009 को भूमि अधिग्रहण संबंधी अधिसूचना को खारिज करने की मांग की है।

याचिका में कहा गया कि भूमि अधिग्रहण के समय सरकार ने अपनी तीस सितंबर 2007 की उन पॉलिसी की अनदेखी की, जिसमें कहा गया था कि भूमि अधिग्रहण की अधिसूचना से पहले निर्माणाधीन मकानों को अधिग्रहण की प्रक्रिया से छूट दी जाएगी। कहा गया कि सरकार प्राइवेट बिल्डर्स को भी लाभ पहुंचा रही है।

कई प्रभावाली लोगों की भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया से बाहर रखी गई। इनमें राजीव गांधी ट्रस्ट भी शामिल है। इस मामले में कुल 70 याचिकाएं दायर की गई थीं। इनमें से 58 याचिकाएं वापस ले ली गईं। खंडपीठ ने इन सभी याचियों को छह सितंबर को सरकार द्वारा गठित हाई लेवल कमेटी के समक्ष अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है।

सुनवाई के दौरान मेनन के वकील ने कहा कि उन्हें भी सीएलयू (चेंज ऑफ लैंड यूज) की अनुमति दे दें तो क्या ट्रस्ट की तरह ही उनकी भूमि को भी अधिग्रहण मुक्त कर दिया जाएगा। काबिलेगौर है कि राजीव गांधी ट्रस्ट की भूमि सरकार ने भूमि अधिग्रहण से बाहर रखी है। सुनवाई के दौरान राज्य के एडवोकेट जनरल हवा सिंह हुड्डा ने अदालत में सरकार का पक्ष रखते हुए राज्य सरकार की नीति को सही बताया और कहा कि सरकार जनहित में जमीन का अधिग्रहण कर रही है।

बीती 1 अगस्त को सरकार द्वारा पत्रकार सम्मेलन कर मामले के संबंध में सफाई देने पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट पिछले दिनों आपत्ति जता चुका है। कोर्ट ने इस मामले में जुड़े कुछ वकीलों द्वारा मीडिया से बातचीत कर केस की सुनवाई बारे दिए गए बयान पर भी नाराजगी व्यक्त की थी। उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों किसानों ने उलावास में महापंचायत कर अपनी जमीन वापस मांगी थी।

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