एटा में एनआरएचएम घोटाले में 5 डाक्टर निलम्बित

Uttar Pradesh
लखनऊ। परत दर परत खुलते एनआरएचएम घोटाले की आंच लखनऊ के साथ एटा पहुंच गयी। एनआरएचएम घोटाले की एटा में हुई जांच में पांच चिकित्सकों की भूमिका संदिग्ध पायी गयी। लाखों के घोटाले में शामिल पांचों चिकित्सकों को तत्काल निलम्बित कर दिया गया।

उत्तर प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा देने वाले लाखों के राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन एटा में पांच चिकित्सकों पर आरोप लगे। निलम्बित चिकित्सकों के खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई के आदेश जारी कर दिए गये। दोषी पाये जाने पर इनके खिलाफ भी दण्डात्मक कार्रवाई भी की जायेगी। निलम्बित होने वालों में डाक्टर वी. पी. सिंह, डा. अजय कपूर, डा.वी के ङ्क्षसह, डा. ए के यादव और डा. चन्द्रशेखर शर्मा शामिल हैं।

एटा जिले सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र अलीगंज के प्रभारी रहे डा. वी. पी. सिंह, जलेश्वर सीएचसी के प्रभारी रहे डा. अजय कपूर, सकीट पीएचसी के प्रभारी रहे डा. वी के सिंह, निधौलीकलां सीएचसी प्रभारी रहे डा. एके यादव तथा खडौआ पीएचसी के प्रभारी रहे डा. शर्मा पर जननी सुरक्षा योजना एवं एनआरएचएम के तहत आवंटित की गयी धनराशि में घपला किए जाने का आरोप है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार उपरोक्त केन्द्रों जो धनराशि व्यय दिखायी गयी वह वास्तविक खर्च से अधिक है। ज्ञात हो कि एनआरएचएम में व्यापक पैमाने पर घोटाला किये जाने की शिकायत एटा के जिलाधिकारी से की गयी थी जिसके बाद जांच पड़ताल हुई और अनियमितता पायी गयी।

गौरतलब है कि मिशन घोटाले के चलते ही राजधानी लखनऊ में तीन चिकित्साधिकारियों की हत्याएं हो चुकी हैं। तीनों मौतों व एनआरएचएम घोटाले की जांच सीबीआई कर रही है। दूसरी ओर इसी घोटाले के कारण परिवार कल्याण मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री अनन्त कुमार मिश्रा को अपने पद से इस्तीफा देना पडा था।

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