अमेरिका पर भी छाया मंदी का काला बादल

सूत्रों की मानें तों रेटिंग में यह भयंकर कमी अमेरिका के बजट घाटे और भारी कर्ज बोझ के चलते आई है। इसके बाद अमेरिकी सरकार कंपनियों और उपभोक्तओं के लिए कर्ज लेना और महंगा हो जाएगा। एस एंड पी की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि रेटिंग में कमी हमारी इस राय को जाहिर करती है। कि संसद और प्रशासन ने हाल में जो आर्थिक मोर्चे पर कदम उठाने के लिए सहमति बनाई है वह सरकार के मझले स्तर के कर्ज को स्थिर बनाए रखने के लिए जरूरी है।
इस संबंध में भारत के वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने अमेरिका की ऋण साख घटाए जाने को 'गंभीर स्थिति" करार देते हुए कहा है कि इसका विस्तृत विश्लेषण किया जाना चाहिए। क्रेडिट रेटिंग एजेंसी स्टैंडर्ड एंड पूअर्स (एसएंडपी) ने अभूतपूर्व कदम उठाते हुए अमेरिकी सरकार की ऋण साख का दर्जा घटा दिया है। उन्होंने कहा कि मुखर्जी ने कहा, हमें इसका विश्लेषण करना होगा। इसमें कुछ समय लगेगा। स्थिति गंभीर है और बिना किसी आधार के टिप्पणी करने का कोई फायदा नहीं है।












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