सोनिया की सर्जरी का असर, मानसून सत्र बेअसर

सोनिया गांधी की सर्जरी की खबर जैसे ही मीडिया में फैलीं कि उनके जल्दी स्वास्थ्य होने के संदेश उनको मिलने लगे। उनको ट्विटर पर कई संदेश मिले। उनकी सेहत के लिए दुआ मांगने वालों में गुजरात के मुख्यमंत्री और लोकसभा में विपक्ष की नेता सुष्मा स्वराज सबसे आगे थीं। यानिकि सोनिया गांधी की सर्जरी अभी हुई भी नहीं और उनके जल्द सही होने की दुआएं पहले ही आने लगी। या यूं कहें कि कांग्रेस की इस चाल में मीडिया सहित विपक्ष भी फंस गया।
यहां तक कि कांग्रेस के प्रवक्ता जनार्दन द्विवेदी तक ने यह घोषण कर दी कि सोनिया गांधी का ऑपरेशन हुआ है और वे महीने भर देश से बाहर रहेंगी। यहां तक कि उनकी जगह काम काज देखने की जिम्मेदारी कांग्रेस के 4 सीनियर नेताओं को दे दी गई। इनमें जनार्दन द्विवेदी, अहमद पटेल, एके एंटनी और राहुल गांधी शामिल थे। देखते ही देखते इस खबर ने लोकपाल बिल, महंगाई और मानसून सत्र सबको पीछे छोड़ दिया।
इसके बाद तो इस मामले को लेकर तमाशा शुरू हो गया। बाद में पता चला कि सोनिया गांधी की सर्जरी वाली खबर झूठी है। अब यह समझ नहीं आ रहा कि जनार्दन द्विवेदी ने सोनिया गांधी की सर्जरी वाली बात पर जानबूझकर झूठ बोला था या फिर उन्हें इस सर्जरी के बारे में कोई जानाकरी ही नहीं थी। अपने बयान से पलटते हुए उन्होंने थोड़ी देर बाद कहा कि सोनिया जी की सर्जरी अभी नहीं हुई है। इसके बाद भी वे यह नहीं बता पाए कि उनकी सर्जरी कब होनी है।












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