मनोज तिवारी के 3 साल तक चुनाव लड़ने पर रोक

गौरतलब है कि चुनाव के समय प्रत्याशियों को प्रतिदिन के खर्चों का हिसाब देना होता है। फाइनल हिसाब चुनाव परिणाम घोषित होने के तीस दिन के भीतर देना होता है। परिणाम घोषित होने के तीस दिन बाद भी इन प्रत्याशियों ने आयोग को खर्च का हिसाब नहीं दिया तो आयोग ने इन्हें नोटिस भेजकर हिसाब मांगा। आयोग के बार बार नोटिस देने के बाद भी इन प्रत्याशियों ने कोई जवाब नहीं भेजा। इसके बाद आयोग ने सख्त रुख अपनाया।
निर्वाचन आयोग भारत सरकार के प्रधान सचिव आरके श्रीवास्तव ने डीएम को भेजे पत्र में कहा है कि गोरखपुर लोक सभा 64 से चुनाव लड़े मनोज तिवारी ने चुनाव खर्च का हिसाब नहीं दिया है इसलिए उन्हें तीन साल तक किसी भी प्रकार के चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य करार दिया गया है। आयोग ने डीएम से कहा है कि उक्त निर्देश के क्रम में मनोज तिवारी को नोटिस तामिल करा दिया जाए। मनोज तिवारी के अलावा 12 अन्य लोगों पर भी पाबंदी लगाई गई है।












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