करीम मोरानी को नहीं मिली जमानत
दिल्ली।
2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले में गिरफ्तार सिने युग के मुखिया करीम मोरानी की जमानत अर्जी सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को खारिज कर दी। मोरानी ने सेहत के आधार पर जमानत की गुजारिश की थी। न्यायमूर्ति जीएस सिंघवी की पीठ ने करीम मोरानी की जमानत की अर्जी को ठुकराते हुए कहा कि वे इलाज के लिए जेल प्रशासन से कह सकते हैं और जेल प्रशासन उन्हें उचित इलाज मुहैया कराने के लिए बाध्य है। id="toptextpromo">अगर
जेल प्रशासन उनकी मांग पर ध्यान नहीं देता तो वे विशेष अदालत में चिकित्सीय आधार पर जमानत अर्जी दाखिल कर सकते हैं। इससे पहले मोरानी के वकील ने उन्हें चिकित्सीय आधार पर जमानत देने की अपील करते हुए कहा कि उनके मुवक्किल को हार्ट प्राब्लम है। इस बीमारी में अचानक उनका रक्त संचार कम हो जाता और वे बेहोश हो जाते हैं। ऐसे में अगर उन्हें उचित इलाज नहीं मिला तो कभी भी कुछ हो सकता है। id='are-slot-1' class='oiad oi-axt oiadv'> id='top-searched-articles'>उनकी
दलीलों पर पीठ ने पूछा कि क्या 24 जून को मेडिकल बोर्ड के चेकअप के बाद उन्होंने अपने इलाज के बारे में जेल प्रशासन से कहा था। अगर नहीं तो वे इलाज के लिए जेल प्रशासन से कहें। हालांकि कोर्ट ने मोरानी को मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट की समीक्षा कराने की भी छूट दे दी है। मोरानी पर आरोप है कि उसने शाहिद बलवा द्वारा दी गयी 200 करोड़ रुपये की रिश्वत की रकम को द्रमुक सांसद और इस समय तिहाड़ में बंद कनीमोझी द्वारा संचालित कलैगनार टीवी तक पहुंचाने में मदद की थी।











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