करीम मोरानी को नहीं मिली जमानत

अगर जेल प्रशासन उनकी मांग पर ध्यान नहीं देता तो वे विशेष अदालत में चिकित्सीय आधार पर जमानत अर्जी दाखिल कर सकते हैं। इससे पहले मोरानी के वकील ने उन्हें चिकित्सीय आधार पर जमानत देने की अपील करते हुए कहा कि उनके मुवक्किल को हार्ट प्राब्लम है। इस बीमारी में अचानक उनका रक्त संचार कम हो जाता और वे बेहोश हो जाते हैं। ऐसे में अगर उन्हें उचित इलाज नहीं मिला तो कभी भी कुछ हो सकता है।
उनकी दलीलों पर पीठ ने पूछा कि क्या 24 जून को मेडिकल बोर्ड के चेकअप के बाद उन्होंने अपने इलाज के बारे में जेल प्रशासन से कहा था। अगर नहीं तो वे इलाज के लिए जेल प्रशासन से कहें। हालांकि कोर्ट ने मोरानी को मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट की समीक्षा कराने की भी छूट दे दी है। मोरानी पर आरोप है कि उसने शाहिद बलवा द्वारा दी गयी 200 करोड़ रुपये की रिश्वत की रकम को द्रमुक सांसद और इस समय तिहाड़ में बंद कनीमोझी द्वारा संचालित कलैगनार टीवी तक पहुंचाने में मदद की थी।












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