वाराणसी से जुड़े नार्वे आतंकी हमले के तार!

आलम अंसारी का कहना है कि पिछले साल उसे नार्वे से डिजाइन बनाने के लिए एक ऑनलाइन ऑर्डर मिला था। इसमें एक फोटो भेजी गई थी। उसमें एक मानव की खोपड़ी और चाकू था। इसका लोगो तैयार करने के लिए 10 हजार रुपए देने की पेशकश की गई थी। उसमें यह भी कहा गया था कि डिजाइन बनाकर भेजने के बाद एक साथ कई सारे बिल्ले बनवाए जाएंगे। उसका कहना है कि उसने डिजाइन बनाकर नार्वे के बताए गए पते पर 15 दिन के अंदर भेज दिया। इसके बाद वहां से कोई ऑर्डर नहीं आया।
आलम अंसारी का कहना है कि वह इसके बारे में सब भूल चुका था। अभी कुछ दिन पहले नार्वे में हुए हमले के बाद जब टीवी और न्यूजपेपर पर उस शख्स की फोटो देखी तो यादा आया कि यह तो वही आदमी है जिसने उसे डिजाइन बनाने के लिए 10 हजार रुपए दिए थे। अंसारी ने कहा कि मैं खुद हैरान हूं कि मेरा नाम नार्वे में हुए बम धमाकों में घसीटा जा रहा है जबकि मेरा इस हादसे से कोई लेना-देना नहीं है। उसने यह भी कहा कि मुझे इस बात का दुख है कि मेरे द्वार डिजाइन किए गए बिल्लों को एक हत्यारा इस्तेमाल कर रहा था।
आलम अंसारी का खुद का बिल्ले डिजाइन करने का बिजनेस है। उसका कहना है कि उसने अपनी कंपनी इंडियन आर्ट कंपनी का विज्ञापन इंटरनेट पर दिया था। इसके बाद ही उसे नार्वे से इस तरह का डिजाइन बनाने का ऑर्डर मिला था। जब पहला सेंपल के रूप में ऑर्डर बनाकर भेज दिया तो दोबारा इस बारे में कोई ऑर्डर नहीं आया। उसने यह भी कहा कि वह कभी नार्वे नहीं गया और न ही उसका वहां कोई बिजनेस है।












Click it and Unblock the Notifications