जेल परिसर में खुलेगा सीबीआई का अस्थायी कार्यालय

उधर सीबीआई ने डा. सचान का पोस्ट मार्टम करने वाले चिकित्सकों के दल पर भी नजरें टेढ़ी कर ली हैं। सीबीआई अब चिकित्सकों से पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास करेगी क्या पोस्ट मार्टम के दौरान उन पर कोई दबाव था।
उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. वाईएस सचान के शरीर पर नौ चोटें पायीं गयी एक चोट उनके मरने के बाद की है। सर्जिकल नाइफ से शरीर पर कई स्थानों पर घाव बना दिए गये। बावजूद इसके पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चिकित्सकों ने यह नहीं लिखा यहीं चोटे डा. सचान की मौत की वजह बनीं या फिर नहीं डा. सचान की मौत किस कारण हुई इस बात का उल्लेख पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी नहीं हो सका।
इसी बात को ध्यान में रखते हुए सीबीआई टीम पोस्मार्टम करने वाले चिकित्सकों से पूछताछ करेगी। यह पूछताछ केन्द्र से आने वाले मेडिको लीगल विशेषज्ञों की उपस्थित होगी। इधर सीबीआर्ई अधिकारियों को जेल परिसर में रहने के लिए एक कमरा उपलब्ध करा दिया गया है। सीबीआई अधिकारी अब जेन परिसर से ही अपनी छानबीन करेंगे।
सीबीआई अधिकारी लगातार जेल परिसर का निरीक्षण कर रहे हैं लेकिन अब जेल परिसर में कार्यालय व आवास होने पर जाने वह छानबीन तो कर ही सकेंगे साथ ही अन्य जेल कर्मियों की कार्य प्रणाली पर भी नजर रखी जा सकेगी। ज्ञात हो कि गत 22 जून को डिप्टी सीएमओ डा. सचान की जेल परिसर में हत्या कर दी गयी थी। जेल में उनकी हत्या को आत्म हत्या का रूप देने का प्रयास किया गया लेकिन न्यायायिक जांच रिपोर्ट में यह उजागर हो गया कि डा. सचान की हत्या की गयी थी। उनकी हत्या का खुलासा होने के बाद हाई कोर्ट ने मामले की जांच सीबीआई से कराने के निर्देश दे दिए।
सीबीआई की जांच में कई हकीकतें उजागर हो रही हैं जिसे लेकर सीबीआई अब दिल्ली से और विशेषज्ञों को बुलाकर जांच करने का मना बना चुकी है। दूसरी ओर एनआरएचएम में हुई वित्तीय अनियमितता की जांच अभी शुरू नहीं हो पायी है। सीबीआई अधिकारियों का कहना है कि इसके लिए उन्हें केन्द्र की अधिसूचना का इंतजार है और जैसे ही अधिसूचनाजारी हो जाएगी एनआरएचएम के बजट में हुए गोरखधंधे की जांच भी शुरू कर दी जाएगी। ज्ञात हो कि वित्तीय अनियमितता करने के आरोप में ही डा. सचान को जेल हुई थी। पढ़ें- सीएमओ हत्याकांड से जुड़ी अन्य खबरें।












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