उत्तर प्रदेश: रातों रात गायब हो गया है प्राथमिक विद्यालय

बरेली के शाहाबाद ग्राम के प्राथमिक विद्यालय की प्रधानाध्यापिका राकेश कुमार ने शिक्षा माफियाओं के साथ मिलकर पुराने व जर्जर स्कूल भवन को गिरवा दिया। फाइलों में भवन गिराने की इजाजत से लेकर मलबा नीलाम करने तक सभी दस्तावेज रखे गए ताकि गांव वालों द्वारा कोई बाधा उत्पन्न करने पर उन्हें कागज दिखाए जा सके। एक ओर भवन गिराने का कार्य शुरू किया गया तो दूसरी ओर शिक्षा विभाग विद्यालय में मिड डे मील भेजता रहा। विद्यालय भवन को गिराकर मैदान कर दिया गया मलबा भी उठा दिया गया।
इसी बीच बेसिक शिक्षा अधिकारी योगराज सिंह विद्यालय जा रहे मिड डे मील का ब्यौरा लेने पहुंच गए। जब वे विद्यालय भवन के निकट पहुंचे तो देखा कि वहां कोई इमारत है ही नहीं वहां मैदान पड़ा हैं। यह सब देखकर श्री सिंह हैरत में पड़ गए। आनन-फानन में उन्होंने विद्यालय की प्रधानाध्यापिका राकेश कुमारी को तलब किया। गांव में रहने वाली प्रधानाध्यापिका आयीं और बताया कि जर्जर विद्यालय भवन वार्ड शिक्षा समिति की अनुमति लेकर गिरा दिया गया और उसका मलबा नीलाम कर दिया गया।
जब बीएसए ने नगर शिक्षा अधिकारी डा. लालमणि मिश्रा से इस प्रकरण की रिपोर्ट मांगी तो उन्होंने मामले की जानकारी से ही इनकार कर दिया। स्कूल की प्रधानाध्यापिका प्रकरण से जुड़े अभिलेख एवं स्कूल भवन के मलबे की नीलामी से प्राप्त धनराशि के बारे में भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सकीं। विभाग में इस प्रकार अंजाम दिए गये गोरखधंधे की जानकारी जब बीएसए ने आला अधिकारियों को दी और मामले की जांच शुरू करा दी गयी है। सूत्रों के अनुसार भवन गिराने के मामले में विभाग के ही कर्मचारी व अधिकारी मिले हैं।












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