दिल्ली: सट्टे ने बनाया फैक्ट्री मालिक को अपहरणकर्ता

आपको बता दें कि होटल मैनेजमेंट का कोर्स कर विदेशों में काम कर चुके रोहतक के मिलिंद गोडी ने अपहृत बच्चे के परिजनों से 15 लाख रुपये की फिरौती की मांग की थी। पुलिस के सूत्रों ने बताया कि आरोपी मिलिंद ने बताया कि वह पिछले दिनों इंडिया-वेस्टइंडीज के मैच पर 10 लाख रुपये सट्टे में हार गया था। इसलिए उस पैसे की भरपाई के लिए वह अपहरणकर्ता बन बैठा। क्योंकि स्टोरिए लगातार उससे पैसे मांग रहे थे और जान से मारने की धमकी दे रहे थे।। इसलिए उसने आर्टिफिशियल जेवरात का कारोबार करने वाले शिव कुमार अरोड़ा के पांच वर्षीय बेटे राम अरोड़ा का अपहरण कर लिया।
मिलिंद ने शिवकुमार अरोड़ा को फोन कर अपहरण की बात कही और 15 लाख रुपये की मांग की। इसके बाद शिवकुमार अरोड़ा ने इस बाबत पुलिस से गुहार लगाई। शिकायत मिलते ही पुलिस सतर्क हो गई और कुछ टीमें बनाकर अपहरणकर्ता की तलाश शुरू कर दी। शाम को पुलिस को सर्विलांस की सहायता से पता चला कि फिरौती के लिए कॉल गुड़गांव से किया गया है। फिर कॉल आई तो बच्चे के पिता शिवकुमार से अपहरणकर्ता ने जीटी रोड पर करनाल बाइपास पर रुपये लेकर आने के लिए कहा।
हालांकि इस बीच अपहरणकर्ता छह लाख रुपये में ही बच्चे को छोड़ देने के लिए राजी हो गया, मगर जल्दी ही अपहरणकर्ता ने शिवकुमार को रुपये अलीपुर बॉर्डर पर लाने के लिए कहा। शायद उसे पुलिस के पीछा करने का शक हो गया, इसलिए उसने कई स्थान बदले, लेकिन पुलिस ने आखिरकार उसे नांगलोई से गिरफ्तार कर लिया।
सूत्रों ने बताया कि मिलिंद ने अंडरवर्ल्ड डॉन आरिफ भाई के नाम से फिरौती की रकम की मांग की थी। वह स्कॉटलैंड में नौकरी कर चुका है। वर्ष 2006 में वह भारत लौटा और अपने पैतृक निवास स्थान सोनीपत (हरियाणा) आकर उसने ऑटो पार्ट्स की फैक्टरी खोली। काम के सिलसिले में वह दिल्ली आने लगा। इस दौरान उसकी पहचान किक्रेट सटोरियों से हुई और वह भी संट्टा खेलने गया। लेकिन संट्टे में वह साढ़े 10 लाख रुपये हार गया। बताया जा रहा है कि अंग्रेजी फिल्म 'ट्रांसपोर्टर' को देखकर उसने अपहरण की साजिश रची।
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