पुलिस यातना से बचने के लिए जुर्म सवीकारा

Saifi Murder Case
लखनऊ। राजधानी चर्चित सैफी हत्याकाण्ड को पुलिस द्वारा खुलासा किए जाने के बाद भी मामला उलझ रहा है। हत्या के आरोप में पकड़े गए दोनों अभियुक्तो ने कहा कि उन्होंने पुलिस की यातनाओं से बचने के लिए हत्या करना स्वीकार किया था।

दिल्ली पुलिस द्वारा एक अन्य मामले में गिरफ्तार किए जाने के बाद उन्होंने कहा था कि सैफ अहमद सैफी की हत्या उन्होंने बसपा नेता इंतिजार आब्दी बॉबी के कहने पर की थी। उधर पुलिस ने मुख्य न्यायिकमजिस्ट्रेट के सामने कहा कि अभियुक्तों के खिलाफ उनके पास पार्याप्त सबूत हैं जिससे पता चला है कि हत्या दोनों ने ही की है।

गौरतलब है कि गत दो मार्च को राजधानी के वजीरगंज इलाके में शिक्षा भवन के सामने समाज कल्याण विभाग के लिपिक सैफ अहमद सैफी की हत्या कर दी गयी थी। हत्या के आरोप में पुलिस ने दो युवकों सलीम व रूस्तम को नामजद किया। पुलिस ने तीन युवक मम्मू व उसक दो साथियों को गिरफ्तार करने के बाद कहा
था कि सलीम व रूस्तम ने ही सैफी की हत्या। इसी के बाद पलिस ने सैफ की हत्या की साजिश रचने के आरोप में इंतिजार आब्दी बॉबी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

सलीम व रूस्तम को लखनऊ पुलिस गिरफ्तार भी नहीं कर सकी थी दोनों को दिल्ली पुलिस ने एक सर्राफा व्यापारी के घर लूट के आरोप में गत 18 मई को पकड़ा था। इसके बाद लखनऊ पुलिस ने दोनों को लखनऊ लाने तथा लखनऊ जेल में रखने की अर्जी लगा दी।

न्यायिक मजिस्ट्रेट के पास पेशी में जाने से पूर्व दोनों अभियुक्तों ने बयान दिया कि वे निर्दोश हैं पुलिस उन्हें फंसाने का प्रयास कर रही है तथा पुलिस यातानाओं से बचने के लिए उन्होंने सैफी की हत्या का जुर्म स्वीकार किया। यदि ऐसा होता है तो बॉबी मामले से बरी हो जाएंगे। हालांकि पुलिस लगातार यह दावा है कि उसके पास पर्याप्त सबूत हैं कि अभियुक्तों ने ही सैफी की हत्या की। फिलहाल अदालत ने दोनों को 13 जुलाई तक न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया।

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