'चुनाव नजदीक देख जागा गंगा के लिए प्रेम'

भाजपा द्वारा गंगा सफाई की बात किए जाने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए बसपा ने गंगा की गंदगी व उसकी बेहतरी के उठाए जाने वाले कदमों की बात करना तो दूर भाजपा पर ही इसका दोष मढ़ दिया।
बसपा प्रवक्ता ने कहा कि यदि भाजपा अपने शासन काल में गंगा सफाई की योजना बनाती तो शायद गंगा में आज इतनी गंदगी न होती। प्रदेश में गंगा को लेकर राजनीति तेज हो गयी है। भारतीय जनता पार्टी जहां एक ओर गंगा को बचाने एवं इसकी सफाई कराए जाने की मांग को लेकर संघर्ष की बात कर रही है वहीं सरकार में बैठे बसपा पदाधिकारी गंगा यात्रा को भाजपा की नाटकबाजी करार दे रहे हैं।
दोनों ही पार्टियों के बीच एक मुद्दा बनी गंगा के विषय में बीएसपी प्रवक्ता कहा कि भाजपा शासित उत्तराखण्ड में गंगा नदी की स्थिति बहुत बदहाल है। प्रवक्ता ने कहा कि पर्यावरण प्रेमी गंगा नदी की स्थिति में सुधार लाने के लिए वहां की सरकार से लगातार मांग करते आ रहे हैं लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ।
प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि उत्तराखण्ड में गंगा किनारे हो रहे अवैध खनन को रोकने की मांग के साथ 4 माह तक उपवास पर रहे संत का हाल ही में निधन हुआ है। प्रवक्ता ने कहा कि भाजपा नेताओं को अपनी पार्टी द्वारा शासित राज्य में गंगा नदी की दशा में सुधार का प्रयास करना चाहिए।
आरोप लगाने के बाद बीएसपी ने गंगा मुददे पर कुछ सफाई भी पेश की पार्टी प्रवक्ता ने बताया कि उत्तर प्रदेश में गंगा नदी एवं उसकी सहायक नदियों को स्वच्छ एवं निर्मल बनाने तथा पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में राज्य गंगा नदी संरक्षण प्राधिकरण का गठन किया गया है। नदियों को बचाने की दिशा में निरन्तर कार्य किए जा रहे हैं। पार्टी प्रवक्ता ने कहा कि पूर्व में गंगा एक्शन प्लान का संचालन हुआ था लेकिन बाद की सरकारों ने इस योजना को आगे नहीं बढऩे दिया।
उन्होंने कहा कि गंगा नदी की वर्तमान दशा के लिए कांग्रेस व भाजपा समेत सभी विपक्षी पार्टियां बराबर की जिम्मेदार हैं। राज्य सरकार ने गंगा नदी के किनारे बसे शहरों में सीवेज ट्रीटमेन्ट प्लान्ट (एस.टी.पी.) की स्थापना की जा रही है ताकि नगरों से निकलने वाली गंदगी नदी तक न जाए।
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