बालकृष्णन की असलियत जानने रामदेव के आश्रम पहुंची सीबीआई टीम
हरिद्वार।
बाबा रामदेव का अनशन तो प्रशासन की भेंट चढ़ गया लेकिन उनके सहयोगी बालकृष्णन की असलियत पर अभी भी सवाल खड़े है। जहां सरकार के नुमाइंदे बाबा रामदेव के करीबी बालकृष्णन को एक फर्जीवाड़ा साबित करने में जुटे हुए हैं वहीं बाबा रामदेव इस मसले पर खामोश है। फिलहाल सीबीआई की टीम गुरूवार बालकृष्णन के बारे में जानने के लिए पतंजलि योग पीठ हुंची|जहां उन्होंने बालकृष्णन से पूछ-ताछ की। लेकिन उन्होने बालकृष्णन से क्या बातचीत की इस पर ना तो सीबीआई कुछ बोल रही है और ना ही पंतजलि योग पीठ वाले कुछ कह रहे है। id="toptextpromo">गौरतलब
है कि सरकार को संदेह है कि बालकृष्णन भारत के मूल निवासी नहीं है बल्कि वो नेपाल के रहने वाले है। उन्होंने गलत पहचान देकर पासपोर्ट बनवाया है साथ ही उन्होंने गलत पहचान से कुछ हथियार भी खरीदें है। बाबा रामदेव ने हमेशा कहा है कि उनके सहयोगी को फंसाया जा रहा है लेकिन जिस समय बाबा रामदेव पर पुलिस का डंडा चला था तबसे दो दिनों तक बालकृष्णन लापता हो गये थे जिसके बारे में बाबा ने कहा था कि वो एक गुप्त मिशन पर है लेकिन उनका गुप्त मिशन क्या था इस बारे में आज तक खुलासा नहीं हुआ है। id='are-slot-1' class='oiad oi-axt oiadv'> id='top-searched-articles'>जबकि
एक निजी चैनल ने नेपाल में जाकर जांच-पड़ताल की तो पता चला कि बालकृष्णन का जन्म तो हरिद्वार में हुआ था लेकिन वो तीन महीने के बाद अपने मां-बाप के साथ नेपाल चले गये और पांच साल की अवस्था में वो मुंबई आ गये थे और तब से ही वो भारत में हैं। उनकी पूरी शिक्षा भारत में हुई है लेकिन उनके माता-पिता आज भी नेपाल में रहते हैं।











Click it and Unblock the Notifications