बौखलाहट में अफसरों को धमका रही हैं मायावती: अखिलेश यादव

सरकार जनता के बाद अब अफसरों और कर्मचारियों को धमकाने लगी है। यह पूरे देश को पता है कि उत्तर प्रदेश सरकार न केवल लोकतंत्र और कानून व्यवस्था लागू करने में विफल हो चुकी है, बल्कि तानाशाही शासन की सभी सीमाएं पार कर चुकी है। किसानों के आंदोलनों और उनकी जमीन के अधिग्रहण को लेकर और उसके बाद प्रदेश की लड़कियों और महिलाओं के साथ जिस तरह अत्याचार और बलात्कार का दौर चल रहा है उसे रोकने में असमर्थ होने के कारण सरकार की बौखलाहट हर दिन बढ़ती जा रही है।
श्री यादव ने कहा कि सीएमओ स्तर के तीन अधिकारियों की हत्या को लेकर पूरा देश बेचैन और आक्रोशित है। दो मंत्रियों का सीधा हाथ होने पर उनसे इस्तीफा तो ले लिया गया लेकिन उन्हें गिर तार कर जांच की कार्यवाही शुरू नहीं की गई है। उन्होंने बढ़ते अपराधों के लिए सीधे तौर पर सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि सरकार में शामिल मंत्रियों और सत्ता पार्टी के विधायकों और कुछ खास अफसरों ने पूरे प्रदेश को अपराध और लूट प्रदेश में तब्दील कर दिया है।
उन्होंने कहा कि यदि मायावती यह सोचती है कि अधिकारियों को धमकाकर, उन्हें प्रताड़ित कर या उनके चरित्र पंजिका में प्रतिकूल प्रविष्टि देने की धमकी देकर सूबे की कानून व्यवस्था को पटरी पर लाया जा सकता है तो यह गलत है। उन्होंने कहा कि मायावती का यह सब गणित चुनावी तैयारी का हिस्सा है। अफसरों और कर्मचारियों में यह घबराहट बढ़ रही है कि बसपा के पक्ष में काम न करने वाले अफसर निलम्बित होगें या बर्खास्त होगें। मु यमंत्री ने सीधे ही धमकी अपने अफसरों को दी है।
उन्होंने कहा कि इस मामले में केन्द्र से दखल की मांग की है। श्री यादव ने कहा कि केन्द्र सरकार अगर इस स्थिति को नियंत्रित करने के लिए तत्काल हस्तक्षेप नहीं करती है तो इसके परिणाम बहुत गंभीर होगें।












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