प्रधानमंत्री का रिमोट सोनिया गांधी के हाथ में: अन्ना हजारे

अन्ना हजारे और सोनिया गांधी के बीच जंग तब से जारी है जब अन्ना ने कांग्रेस द्वारा संघ का एजेंट कहे जाने पर सोनिया गांधी को चिट्ठी लिखी थी। इस चिट्ठी के सार्वजनिक हो जाने पर सोनिया गांधी ने अन्ना हजारे को उस चिट्ठी का जवाब नहीं दिया था। सोनिया गांधी ने अन्ना हजारे की इस मामले को लेकर आलोचना भी की थी।
अन्ना हजारे ने कहा कि सरकार में जो भी होता है वह सोनिया के इशारे पर होता है। जब कोई अच्छा काम होता है तो सोनिया गांधी खुद सामने आ जाती हैं। भ्रष्टाचार और घोटालों पर सफाई देने के लिए मनमोहन सिंह को आगे कर दिया जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि जो भी मंत्री मेरे और लोकपाल बिल के खिलाफ बयानबाजी कर रहे हैं वो सब सोनिया गांधी के इशारे पर हो रहा है।
अन्ना हजारे ने खुद कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी प्रधानमंत्री पद को लोकपाल बिल के दायरे में लाने के पक्षधर हैं। सोनिया गांधी की नामंजूरी के कारण ही इस मुद्दे पर सरकार और सिविल सोसाइटी के बीच आम सहमति नहीं बन पर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और न्यायपालिका को लोकपाल बिल के दायरे में लाने को लेकर वे अडिग हैं।












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