जानिए कैसे कांग्रेस बनी 'मुन्नी' और गडकरी 'जोकर'

राजनीति में इस समय बयानबाजी गाली गलौज तक पहुंच गई है। जिसने राजनीति को अब तक के अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंचा दिया है। केंद्र सरकार से लेकर राज्य सरकारों तक यह ओछी राजनीति का सिलसिला जारी है। खास बात यह है कि इस बयानबाजी में बॉलीवुड के गानों को भी शामिल किया जा रहा है।
चलिए देखिए कहां से शुरू हुआ बयानबाजी का सिलसिला और कब भारतीय राजनीति बदनाम हुई। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन ने गडकरी को घोटालों और भ्रष्टाचार के मामले में सरकार पर टिप्पणी करते हुए उसे मुन्नी से भी ज्यादा बदनाम करार दिया। कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने जब ओसामा बिन लादेन को लादेन जी कहकर बुलाया था तो इस पर गडकरी की टिप्पणी चौंकाने वाली थी। उन्होंने कांग्रेस को ओसामा बिन लादेन की औलाद बताया था।
नितिन गडकरी के इस बयान का जवाब कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव दिग्विजय सिंह ने दिया। उन्होंने यह तक कह दिया कि गडकरी किसी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के लायक नहीं हैं। वे आज तक कभी भी चुनाव जीतकर लोकसभी या विधानसभा नहीं पहुंचे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि गडकरी को राजनीति का ज्ञान ही नहीं है।
इसके बाद कांग्रेस के 1 और महासचिव डीके हरिप्रसाद ने तो गडकरी को बीजेपी का जोकर तक बता दिया। उनके इस बयान के बाद तो मानो राजनीति में भूचाल आ गया हो। इस बयान के बाद बीजेपी ने कांग्रेस को इसका अंजाम तक भुगतने की धमकी दे डाली।
इससे पहले प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर टिप्पणी करते हुए लाल कृष्ण आडवाड़ी ने उन्हें कमजोर प्रधानमंत्री करार दिया था। उन्होंने कहा था कि मैंने आज तक अपने राजनैतिक जीवन में इतना कमजोर प्रधानमंत्री नहीं देखा। रजनीति में कभी किसी पर टिप्पणी ने करने वाले मनमोहन सिंह ने भी इस बार बीजेबी के इस वरिष्ठ नेता पर निशाना साधा। उन्होंने कहाकि आडवाणी में प्रधानमंत्री बनने का मद्दा ही नहीं है। वे कितनी भी कोशिश कर लें लेकिन वे देश के प्रधानमंत्री नहीं बन सकते हैं।
कांगेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी आडवाणी पर निशाना साधते हुए कहा था कि जिस आदमी ने आतंकवादियों को छोड़ दिया हो उस पर कैसा भरोसा किया जा सकता है। 2009 में हुए लोकसभी के चुनावों के प्रचार के दौरान गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीजेपी की एक रैली में कांग्रेस को बुढि़या और रबर की गुडि़या करार दिया था। इसका पलटवार करते हुए प्रियंका बढ़ेरा ने कहा था कि क्या मैं बूढ़ी लगती हूं। इसके साथ ही उन्होंने मोदी और आडवाणी को कनफ्यूज नेता करार दिया था।
जब राजघाट पर विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने ठुमके लगाए थे तो दिग्विजय सिंह ने बीजेपी को नचकइयों की पार्टी करार दिया है। इस पर पलटवार करते हुए सुषमा स्वराज नेकहा था कि कांग्रेस इंटरनेट खोलकर देख ले कि उनकी पार्टी की सोनिया गांधी, इंदिरा गांधी और शीला दीक्षित ने किस-किस दिन ठुमके लगाए गए हैं।












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