पत्रकार जे डे की हत्या में खाकी वर्दी वालों का हाथ, एसीपी पर शक

यह रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद महाबोले को कुछ दिनों के लिए छुट्टी पर भेज दिया गया था। लेकिन, जे डे की हत्या से चार दिन पहले ही महाबोले ने पुन: अपना कार्यभार संभाल लिया था। महाबोले के विरुद्ध भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की रिपोर्ट के बावजूद उन पर राज्य सरकार की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई है। महाबोले लंबे समय से दक्षिण मुंबई क्षेत्र में ही जमे रहने में कामयाब रहे हैं। सूत्रों के अनुसार अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के रिश्तेदारों के घर उसका आना-जाना है। मालूम हो कि जिस तरह से एक एसीपी पर शक की सूई घूम रही है।
उससे सवाल उठने लगे हैं कि खोजी पत्रकार जे डे की हत्या की साजिश में क्या मुंबई के वर्दीवाले भी शामिल हैं? क्या जे डे को खाकी और अंडरवर्ल्ड के नापाक रिश्तों का सच बताने की वजह से मारा गया? जे डे ने अपनी एक रिपोर्ट में साफ तौर पर लिखा था कि एसीपी महाबोले के तार डी कंपनी से जुड़े हैं। जे डे को कुछ ऐसे कागजात हाथ लगे थे जिससे ये साफ है कि महाबोले का दाऊद के रिश्तेदारों के घर आना-जाना है।
इस खुलासे के बाद से ही महाबोले जे डे से खुन्नस रखता था। ये बात खुद जे डे ने साथी पत्रकारों को बताई थी। दूसरी ओर जे डे हत्याकांड में एसीपी का नाम चर्चा में आने के बाद पुलिस कमिश्नर ने आननफानन में महाबोले को आजाद मैदान से लोकल आर्म्स कंट्रोल रूम 1 में ट्रांसफर कर तीन दिन की छुट्टी पर भेज दिया है। ऐसे में एसीपी के ट्रासंफर ने एसीपी को शक के घेरे में ला खड़ा कर दिया है।












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