दिल्ली : हर्ष विहार हत्याकांड में दो गिरफ्तार

हर्ष विहार के सिबोली गांव निवासी दुर्गेश तिवारी के (दिसंबर, २०१०में) पड़ोस में रहने वाली कविता (बदला हुआ नाम) से प्रेम संबंध हो गए थे।
ये दोनों जम्मू चले गए थे। कविता के परिजनों ने अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने जम्मू से कविता को बरामद कर लिया था और दुर्गेश को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जमानत पर जेल से बाहर आने के बाद दुर्गेश जम्मू जाकर नौकरी करने लगा था। इसके बाद कविता के परिजन हर्ष विहार सेअपने गांव घोड़ी बछेड़ा, ग्रेटर नोएडा रहने चले गए थे। परिजनों को येलगता था कि इतना सब होने के बावजूद दुर्गेश और कविता मोबाइल पर बात करते हैं।
ऐसे में कविता के भाई दिनेश रावल और पिता ने दुर्गेश और कविता कीहत्या की साजिश रच डाली। इसके लिए सोनू ने अपने दो दोस्तों पदम सिंह और भूषण को दो लाख रुपये की लालच देकर तैयार कर लिया। एक लाख रुपये एडवांस दे दिए गए। इस बीच दिनेश को पता लगा कि एक जून को दुर्गेश तारीख परदिल्ली आएगा।
कोर्ट में तारीख पर जाकर दुर्गेश हर्ष विहार में रहने वालेअपने माता-पिता के घर गया। इस बीच पदम सिंह और भूषण उसके घर में घुसकरउसके माता-पिता की गोली मारकर हत्या कर दी। जबकि दुर्गेश ने कमरे मेंछिपकर जान बचाई। दक्षिण जिले के स्पेशल स्टाफ की टीम ने सात जून को पदम सिंह और भूषण को मालवीय नगर मेट्रो स्टेशन की पार्किंग से पकड़ लिया।
पूछताछ में इन्होंने बताया कि प्रेम प्रसंग के बाद दिनेश का परिवार हर्ष विहार से वापस गांव आ गया। इस दौरान दिनेश ने अपनी बहन कविता और दुर्गेश की हत्या करने की बात कही। एक जून को इन्होंने दुर्गेश के माता-पिता की हत्या कर दी। जब ये गांव पहुंचे तो दिनेश के पिता रतनह सिंह ने इनको अपनी बेटी कविता की हत्या करने के लिए भी कहा। साजिश के तहत रतन सिंह अपने साले राकेश की कार में बैठाकर ले गए। जब ये बुलंदशहर के दशई दशहेरा पहुंचे तो रतन सिंह कार से उतर गया और आगे जाकर पदम सिंह ने कविता के सिर में गोली मारकर हत्या कर दी।
घोड़ी बछेडा, दादरी, गौतमबुद्ध नगर निवासी भूषण सिंह माथुरापुर गांव मेंमोबाइल की दुकान चलाता था। वह शराब भी पीता था। इस बीच उसे व्यवसाय मेंघाटा हो गया। ऐेसे में जब दिनेश ने उसे दो लाख रुपये में हत्या करने कीबात कही तो वह तैयार हो गया। पदम सिंह पेशे से बाइक मैकेनिक है। उसे रिश्तेदार को देने के लिए पैसे की जरूरत थी।












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