प्रशासन की तानाशाही के खिलाफ राजघाट पर अन्ना हजारे का अनशन शुरू
आपको बता दें कि अन्ना का ये अनशन पहले दिल्ली के जंतर-मंतर पर होने वाला था लेकिन मंगलवार को दिल्ली पुलिस ने अन्ना के अनशन को जंतर-मंतर के लिए इजाजत नहीं दी जिसके चलते अन्ना एंड कंपनी ने राजघाट को अनशन के लिए चुना है। अन्ना का ये अनशन प्रशासन के खिलाफ जरूर है लेकिन हिंसात्मक या भड़काऊ नहीं है।
अन्ना की टीम के सदस्य अरविंद केजरीवाल और भारत की पहली महिला आईपीएस रह चुकी किरन बेदी ने कल इजाजत ना मिलने पर कहा कि प्रशासन की ये तानाशाही है। हम एक स्वतंत्र भारत में रहते हैं जहां पर हर आदमी अपनी बात कहने के लिए स्वतंत्र है। लेकिन सरकार शायद इस बात को भूल चुकी है। तभी तो वो ऐसे हुकूम सुना रही है।
उसने 73 साल के उस बूढ़े व्यक्ति पर शक किया है जिसकी पूरी जिंदगी केवल देश के लिए समर्पित कर दी है। राजघाट पर अन्ना का अनशन बुधवार सुबह 10 बजे से शाम छह बजे तक चलेगा। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हमारा मकसद विरोध करना जरूर है लेकिन हंगामा करने का हम इरादा नहीं रखते हैं।
हम मीडिया से भी गुजारिश करते हैं कि वो शांति बनाये रखने में हमारा और देश का साथ दे। गौरतलब है कि जंतर-मंतर पर धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू है। जिसके चलते अन्ना को अनशन को वहां अनुमति नहीं मिली है।
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