बेहुरा की जमानत याचिका खारिज

सीबीआई के विशेष न्यायाधीश ओपी सैनी ने कहा कि अपराध का आकार, प्रकृति और आरोपों की गंभीरता, साक्ष्यों की प्रकृति और मामले के गवाहों को प्रभावित करने की आशंकाओं को देखते हुए मुझे आरोपी की जमानत याचिका को खारिज करने में कोई झिझक नहीं है।
उन्होंने कहा कि जमानत याचिका में कोई दम नहीं है और इसे खारिज किया जाता है। अदालत ने अपने 167 पन्नों के फैसले में यह भी गौर किया कि अगर आरोपी को जमानत पर रिहा किया जाता है तो गवाहों को प्रभावित किए जाने की संभावना है।
न्यायाधीश ने कहा कि ऐसी संभावना उन मामलों में और जयादा हो जाती है जहां आरोपी और गवाहों में बॉस और सहायक का रिश्ता होता है और मामला काफी गंभीर है। वर्तमान मामले में राजस्व को करीब 30 हजार करोड़ रुपये चूना लगाया गया है।












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