फिजा ने बनाई राजनीतिक पार्टी

फिजा ने अपनी पार्टी लोंच करने का बद कहा कि वह राजनीति के जरिए ही राजनीति की परिभाषा को बदल देंगी। फिजा ने कहा कि उसके अनुसार राजनीति का मतलब लोगों की सेवा करना है और वह लोगों की सेवा करने के लिए ही राजनीति करेंगी।
फिजा ने कहा कि वे राजनीति में सक्रिय भूमिका अदा करेंगी और कुछ राज्यों के चुनावों में भी हिस्सा ले सकती हैं। फिजा ने कहा कि वह देश के राजनेताओं का काला धन देश लाने के पक्ष में हैं और इसलिए उनकी पार्टी बाबा रामदेव और अन्ना हजारे को भी स्पोर्ट करेगी।
फिजा ने बताया कि उनकी पार्टी का मुख्य एजेंडा हिंदी, संस्कृत, उर्दू और अंग्रेजी भाषा को प्रमोट करना होगा। इसके लिए वे पंजाब व हरियाणा में गुरुकुलों की स्थापना करेंगी। इनमें विद्यार्थियों को मुफ्त शिक्षा दी जाएगी। फिजा ने कहा कि भारत की सभी भाषाओं की जननी मानी जाने वाली संस्कृत को बिल्कुल भुला दिया गया है, जबकि यह विज्ञान व टेक्नोलॉजी की भाषा है। इस भाषा में लिखे ग्रंथों से प्रेरणा लेकर ही विज्ञानी शोध करते रहे हैं।
गुरुकुलों में संस्कृत पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। फिज़ ने कहा कि वे राजनीति में सक्रिय भूमिका अदा करेंगी और उनकी पार्टी कुछ राज्यों के चुनावों में भी हिस्सा ले सकती है।












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