नहीं रहे भजन लाल, हरियाणवी सियासत का लाल युग समाप्त

उन्हें बचाने के लिए चार घंटे प्रयास किए गए, मगर कामयाबी नहीं मिली। उनका अंतिम संस्कार शनिवार शाम पांच बजे उनके गृह क्षेत्र आदमपुर मंडी में किया जाएगा। भजन लाल के निधन पर प्रदेश सरकार ने तीन दिन का राजकीय शोक तथा एक दिन का अवकाश घोषित किया है। भजन लाल हरियाणा के तीन बार मुख्यमंत्री व केंद्र सरकार में कृषि एवं पर्यावरण मंत्री भी रहे थे।
दोपहर साढ़े 12 बजे जब भजन लाल को सेक्टर 15 स्थित आवास पर दिल का दौरा पड़ा, तब उनके दोनों बेटे हिसार से बाहर थे। अंतिम समय में उनकी पत्नी जसमा देवी उनके साथ थीं। भजन लाल हिसार लोकसभा क्षेत्र से सांसद और हरियाणा जनहित कांग्रेस (हजकां) के संरक्षक थे।
उनके बड़े बेटे चंद्रमोहन प्रदेश के उप मुख्यमंत्री रह चुके हैं। उनके छोटे पुत्र कुलदीप बिश्नोई आदमपुर से विधायक व हजकां के अध्यक्ष हैं। उनकी इकलौती बेटी रोशनी देवी पंजाब में अबोहर के पास सीतोगुना में विवाहित हैं।
भजन लाल के निधन पर राज्यपाल जगन्नाथ पहाडिय़ा ने कहा कि भजनलाल एक योग्य सांसद और लोकप्रिय नेता थे। उन्होंने कुशल प्रशासक के रूप में अपनी छाप छोड़ी। मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि भजनलाल ने सारा जीवन समाज सेवा में गुजारा। उनके निधन से हुई क्षति को भरना नामुमकिन है।
इनेलो अध्यक्ष ओमप्रकाश चौटाला ने का कि प्रदेश ने एक मृदुभाषी व सक्रिय राजनेता खो दिया है। भजनलाल हंसमुख स्वभाव के नेता थे। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष कृष्णपाल गुर्जर ने कहा कि भजन के निधन से राजनीति में खालीपन आ गया। वे सभी को साथ लेकर चलने वाले नेता थे।












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