भूमि अधिग्रहण के लिए मायावती ने बनाई नई नीति

Mayawati
लखनऊ। पिछले काफी दिनों से नोएडा अधिग्रहण मामले पर राजनीति गर्मा गयी है। भट्टा परसौल गांव में राहुल गांधी के सियासी दांव पर आज मायावती ने चौंका देने वाला वार खेला है। उन्होंने भूमि अधिग्रहण मामले पर पहली बार खुलकर वहां से किसानों से बात की है। बातचीत के बाद उन्होंने किसानों से क्या कहा है इसके लिए उन्होंने लखनऊ में एक प्रेस वार्ता भी की जिसमें उन्होनें खुले तौर केन्द्र सरकार को दोषी ठहराते हुए कहा कि सरकार चाहती ही नहीं है कि किसानों का भला हों।

मायावती ने कहा है कि हमने आज किसानों से खुलकर बात चीत की है और उनसे वादा किया है कि संसद के मानसून सत्र में वो किसानों के भूमि अधिग्रहण मामले को पूरे जोरो- खरोश से उठायेगी। इसके अलावा माया ने ये भी कहा कि आज से उनकी सरकार एक भूमि नीति जारी करती हैं। जिसमें तीन विकल्प मौजूद हैं।

पहले विकल्प के तहत राज्य के किसानों से करार नीति और उदार नीति के तहत जमीन ली जायेगी। उन्हें लाभ के सभी विकल्पों के तहत लाभ दिये जायेगें। जमीन का अधिग्रहण उनकी इच्छा शक्ति पर निर्भर होगा। ये बात उन्होंने राजंमार्ग के लिए ली जाने वाली भूमि के लिए कही है। जबकि दूसरे विकल्प के तहत माया ने मास्टर प्लान के बारे में कहा।

माया ने कहा कि अगर मास्टर प्लान के लिए भूमि अधिग्रहण करता है तो ये सब कुछ आपसी समझौते के तहत होगा जिसमें बकायदा करार समझौते होंगे। इस प्रकार की भूमि में 3 विकल्‍प उपलब्‍ध कराने का फैसला किया है।

पहला नियम जिसके अंतर्गत प्रति वर्ग की निर्धारित धनर‍ाशि के आधार मुआवजा दिया जायेगा। साथ ही प्रभावित किसानों के पुनर्वास व पुनस्‍थापना की जायेगी। अधीग्रहित भूमि की कीमत की 16 प्रतिशत धनराशि या कुल भूमि का 16 प्रतिशत मुआवजा किसानों को दिया जायेगा। साथ ही उनके पुनर्वास के लिए अलग से रकम दी जायेगी। इसमें किसानों को विकास परियोजनाओं व प्राधिकरण की ओर से कुछ नहीं मिलेगा।

बड़ी निजी कंपनियों द्वारा विद्युत परियोजनाओं व फैक्ट्रियों के लिए लगाये जाने के लिए होने वाले अधीग्रहण के लिए है। कंपनियां किसानों से सीधे जमीन ले सकेंगे, यानी किसान, शासन व प्रशासन सिर्फ फेलि‍टेटर की भूमिका अदा करेगा। सरकार केवल भूमि अधीग्रहण नियम के तहत अधिसूचना जारी करेगी।

किसान जिसकी भूमि अधीग्रहीत की जायेगी उसे 33 साल के लिए 23 हजार रुपए प्रति एकड़ वार्षिकी दी जायेगी। प्रत्‍येक वर्ष इसमें बढ़ोत्‍तरी भी होगी। यदि कोई किसान नहीं लेना चाहता है तो उसे दो लाख 76 हजार रुपए पुनर्वास अनुदान दिया जायेगा। अधीग्रहण किसी कंपनी द्वारा किया गया है तो कंपनी में शेयर लेने का विकल्‍प किसान को दिया जायेगा। साथ ही मुआवजा देने के बाद भी कंपनी में किसान के किसी एक परिजन को नौकरी दी जायेगी।

प्रभ‍ावित परिवार जिनकी पूरी भूमि का अधीग्रहित हो गई हो, उन्‍हें पांच साल के लिए मजदूरी के बराबर धनराशि एक मुश्‍त दी जायेगी। इसके अलावा 500 दिन की मजदूरी के बराबर एक मुश्‍त अतिरिक्‍त रकम दी जायेगी। विस्‍थापित परिवार को 250 दिनों की धनराशि दी जायेगी, अतिरिक्‍त दी जायेगी। साथ ही गांव में किसान भवन का निर्माण किया जायेगा।

;
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+