दोरजी खांडू को भूल नहीं पाएगी राजनीति, भारतीय सेना और अरुणाचल

उन्होने कहा कि 'वह अरुणाचल प्रदेश में लोगों का जीवन स्तर सुधारने के लिए प्रतिबद्ध थे। उनके निधन से राज्य तथा देश ने एक बेहतरीन प्रशासक तथा असाधारण इंसान खो दिया है।' दोरजी खांडू एक कुशन राजनीतिज्ञ और एक साफ दिल इंसान थे। तो आईए एक नजर डालते हैं देश के महान सपूत और राजनीति में कभी न भर पाने वाली कमी सीएम दोरजी खांडू के संक्षिप्त जीवन परिचय पर-
1. राजनीति के क्षेत्र में एक के बाद एक नया मुकाम बनाते हुए अरुणांचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पद तक पहुंचने वाले दोरजी खांडू का जन्म 3 मार्च 1955 को ज्ञानगखार गांव में हुआ था।
2. स्वर्गीय खांडू ने सात साल आर्मी में रहकर भारत की सेवा की उसके बाद समाज सुधारक के रूप में तवांग गांव के लोगों का दुख दर्द सुनकर उसे दूर करने की दिशा में काम करने लगे।
3. भारतीस सेना में खुफिया अधिकारी रहे स्वर्गीय खांडू को बांग्लादेश युद्ध में कौशल और प्रराक्रम दिखाने के लिले गोल्ड मेडल प्रदान किया गया था।
4. स्वर्गीय खांडू ने सन 1980 से अपना राजनीतिक सफर शुरु किया था और अरुणाचल प्रदेश्ा विधानसथा के लिये निर्विर्रोध निर्वाचित किए गये थे।
5. इसी विधानसभा सीट से वह 1995 में स्वर्गीय खांडू को सहकारिता राज्य मंत्री बनाया गया था।
6. वर्ष 2009 में अरुणाचल प्रदेश विधान सभा चुनाव में स्वर्गीय खांडू ने कांग्रेस को दो तिहाई बहुमत दिलाया।
7. स्वर्गीय खांडू अरुणांचल प्रदेश के पांचवे मुख्यमंत्री थे और यह उनका मुख्यमंत्री पद पर लागातार दूसरा कार्यकाल था। उन्होंने वर्ष 2007 में गेगांग अपांग को इस पद से हटाया था। गेगांग अपांग पीछले 23 साल से आदिवासी बहुल राज्य के मुख्यमंत्री थे।
गौरतलब है कि अरुणांचल प्रदेश के मुख्यमंत्री खांडू दोरजी को लेकर आई खबर बेहद अफसोसनाक थी, पर उससे बडा अफसोस उनकी तलाश में लगे वक्त को लेकर है। मालूम हो कि खांडू सहित पांच लोगों को लेकर शनिवार को हेलीकॉप्टर लापता हुआ था और उसका मलावा बुधवार सुबह अरूणाचल प्रदेश के लाबोतांग में मिला। सेना के वरिष्ठ अधिकरियों ने दोरजी खांडू के सहित तीन अन्य लोगों के मरने की पुष्टि की।












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