आरबीआई ने प्रमुख दरों में की 2.5 फीसदी की बढ़ोत्तरी

इस मौद्रिक समीक्षा में प्रमुख ब्याज दरों में 50-50 आधार अंकों की वृद्धि की हैं, रिजर्व बैंक ने 6.75 प्रतिशत के स्तर पर रही रेपो रेट 0.5 प्रतिशत बढ़ाकर 7.25 प्रतिशत कर दी गई है। वहीं 5.75 प्रतिशत के स्तर पर रही रिवर्स रेपो रेट को भी 0.5 प्रतिशत बढ़ाकर 6.25 प्रतिशत किया गया है। पेश 2011-12 की मौद्रिक नीति समीक्षा की मुख्य बातें इस तरह हैं-
1. रिजर्व बैंक ने रेपो (बैको कोअल्पकालिक उधार देने) और रिवर्स रपो (नकदी लेने) की दरों में आधा आधा प्रतिशत की वृद्धि की। रेपो दर 7.25 और रिवर्स रेपा 6.25 प्रतिशत हुई।
2. नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) छह प्रतिशत और बैंक दर छह प्रतिशत पर अपरिवर्तित।
3. बचत बैंक खातों पर ब्याज दर 3.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 4 फीसदी की गई।
4. चालू वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि दर 8 प्रतिशत रहने का अनुमान।
5. मार्च 12 तक थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति 6 प्रतिशत रहने की संभावना।
6. मौद्रिक नीति 2011-12 का मुख्य उद्देश्य मांग के दबाव को कम कर महंगाई पर लगाम लगाना।
7. पेट्रोलियम उत्पादों के दाम बढ़ाने की वकालत।
8. बैंकों को 8.25 प्रतिशत की दर पर सीमांत ऋण की एक नई स्थाई सुविधा (एमएसएफ) शुरू। इससे फौरी ब्याज दरों में भारी उतार चढ़ाव पर रोक लगेगी।
9. कच्चे तेल कीमतें औसतन 110 डालर प्रति बैरल रहने का अनुमान।
10. सूक्ष्म वित्त संस्थानों (एमएफआई) पर मालेगाम समिति की रिपोर्ट व्यापक मंजूर। एमएफआई ऋण प्राथमिकता क्षेत्र में शामिल।












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