लादेन की मौत से सदमे में पाकिस्तान, क्यों खामोश है पाक सरकार

खुद अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ओसामा की मौत की पुष्टि कर चुके हैं। ओसामा की मौत की खबर फैलते ही अमेरिका सहित दुनिया के कई हिस्सों में जश्न मनाया जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने ओसामा की मौत को 'अमेरिका की सबसे महत्वपूर्ण ऐतिहासिक जीत' करार दिया है। ओसामा की मौत ओबामा की सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण जीत है लेकिन ओसामा की मौत ने ऐसे बेहद कई सारे महत्वपूर्ण सवाल खड़े कर दिए हैं जिन पर भारत सहित पूरी दुनिया की निगाहें हैं। उल्लेखनीय है कि ओसामा पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद के पास अब्बोटाबाद में मारा गया है।
भारत हमेशा से पाकिस्तान पर आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने और पाकिस्तान में आतंकवादियों को पनाह देने की बात कहता रहा है। भारत ने पहले भी दावा किया है 26/11 के पीछे पाकिस्तानी में स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का हाथ है। मगर पाकिस्तान ने हमेशा ही अलकायदा के चीफ और 9/11 के मास्टरमाइंड ओसामा के पाकिस्तान में होने की खबरों का खंडन किया है। लेकिन अमेरिकी सेना और सीआईए की मदद से पाकिस्तान में ओसामा का मारा जाना सारे सवालों के जवाब खुद-ब-खुद ही दे देता है।
खबरों की मानें तो ओसामा के खिलाफ इस मिशन से पहले अमेरिका ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई को इस बात की खबर तक नहीं लगने दी। गौरतलब है कि अमेरिका पहले ही पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई को आतंकवादी संगठन घोषित कर चुका है। अमेरिकी राष्ट्रपति ओबामा ने अपने बयान में कहा है कि ओसामा का शव अमेरिका के कब्जे में है और ओसामा के शव डीएनए टेस्ट भी किया गया है।
एक तरफ ओसामा की मौत की खबर पूरी दुनिया की मीडिया की सुर्खियों में हैं वहीं अभी तक पाकिस्तान के किसी भी सरकारी अधिकारी की तरफ से ओसामा की मौत के बारे में कुछ नहीं कहा गया है। ना पाकिस्तानी के प्रधानमंत्री, ना राष्ट्रपति और ना ही अन्य किसी सरकारी अधिकारी ने ओसामा की मौत के बाद कोई बयान दिया है। बात साफ है पाकिस्तान में कि ओसामा की मौत से पाकिस्तान वाकई सदमे में होगा और अब उसे अमेरिका के सामने जवाब देना वाकई भारी पड़ेगा।












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