'कलमाड़ी पर हमला ना कर सका तो फेंकी चप्पल'

पुलिस के मुताबिक हमलावर मनोज शर्मा अपनी पहचान छुपाने के लिए पहले कपिल ठाकुर के फर्जी नाम का सहारा लिया। वह मध्य प्रदेश के ग्वालियर का रहने वाला है। उसके तीन बच्चे हैं। 42 साल का मनोज पूर्वी दिल्ली के गीता कॉलोनी में अपनी मां और छोटे भाई से मिलने एक सप्ताह पहले दिल्ली आया था। कलमाडी जब अदालत परिसर की ओर आ रहे थे तब शर्मा ने पुलिस घेरे को तोड़ने की कोशिश की लेकिन जब वह इसमें सफल नहीं हो सका तब उसने उन पर चप्पल फेंक दी।
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया, "यह जानकारी होने पर कि कलमाडी को पटियाला हाउस अदालत में पेशी के लिए लाया जा रहा है वह अपने को रोक नहीं सका और उन पर हमला करने के लिए अदालत चला आया। उसके खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है। उसे हिरासत में लेकर तिलक मार्ग पुलिस स्टेशन ले जाया गया और वहां उससे पूछताछ की गई। पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिया गया।"
उन्होंने बताया, "शर्मा पहले ग्वालियर में वकील था। वहां उसने एक उप प्रभागीय मजिस्ट्रेट पर चाकू से हमला किया था जिसके बाद ग्वालियर बॉर काउंसिल ने उसका लाइसेंस रद्द कर दिया।" शर्मा वर्तमान में ग्वालियर से निकलने वाली एक साप्ताहिक पत्रिका 'संसद गर्जन' के लिए काम करता है।
उल्लेखनीय है कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने कलमाडी को खेलों के दौरान ठेकों के आवंटन में कथित धांधली के आरोप में सोमवार को गिरफ्तार किया। सोमवार की रात सीबीआई की हिरासत में बिताने के बाद कलमाडी को मंगलवार को पटियाला हाउस अदालत में पेश किया गया।












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