उत्तर प्रदेश पर चढ़ रहा है चुनावी रंग

सत्तारूढ़ बहुजन समाज पार्टी ने सबसे पहले 350 सीटों पर अपने उम्मीदवारों की घोषणा की जिसकेबाद विपक्षी पार्टी समाजवादी ने भी 212 सीटों पर उम्मीदवारों के नामों को उजागर साबित कर दिया कि उनकी भी तैयारी पीछे नहीं है। भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री रविशंकर प्रसाद ने भले ही उम्मीदवारों नामों का खुलासा करने से फिलहाल इनकार दिया हो परन्तु पार्टी से इस बात कें संकेत मिल रहे हैं कि भारतीय जनता पार्टी की सौ उम्मीदवारों की सूची मई के प्रथम सप्ताह में जारी हो जाएगी।
उधर कांग्रेस भी अपन उम्मीदवारों को तय करने में जुटी है। राहुल गांधी का दौरा पिछले ही दिनों समाप्त हुआ और कहा जा रहा है कि राहुल गांधी से इस मुददे पर प्रदेश नेताओं की विस्तृत चर्चा हो चुकी है। सभी पार्टियां चाहती है कि वे उन उम्मीदवारों को टिकट दें जिनमें जीतने की क्षमता हो। भाजपा के वरिष्ठ नेता बताते हैं कि प्रत्याशियों के चयन में उसकी जीतने की क्षमता को मुख्य आधार बनाया गया है। पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी भी कह चुके हैं कि टिकट उसी को मिलेगा जो जनता के बीच काम कर लोकप्रिय होगा। उन्होंने साफ किया था कि टिकट देने के मामले में कोई पैरवी काम नहीं आयेगी।
श्री गडकरी के बयान से उन लोगों में कुछ उम्मीद जगी है कि पार्टी जमीनी कार्यकर्ताओं को मौका दे सकती है। उधर घर में बैठकर पैसे के बल पर राजनीति कर टिकट की उम्मीद लगाये नेताओं की परेशानियां बढ़ गयी हैं। भाजपा बिहार में पिछले साल हुये चुनाव परिणाम से काफी उत्साहित है। पार्टी बिहार के फार्मूले को यूपी में भी अपनान चाहेगी।
पार्टी नेता यह भली भांति जानते हैं कि दिल्ली का रास्ता उत्तर प्रदेश से होकर जाता है। कांग्रेस पर नजर डालें तो प्रत्याशियों की चयन प्रतिक्रया जल्द पूरी होने वाली है। पार्टी के वरिष्ठ नेता दिग्विजय ङ्क्षसह का कहना है कि प्रत्याशी चयन के लिये दस केन्द्रीय पर्यवेक्षकों ने अपनी रिपोर्ट श्री राहुल गांधी को सौंप दी है। पार्टी पहली सूची आगामी 31 मई तक जारी कर देगी। उन्होंने कहा था कि पहली सूची 150 उम्मीदवारों की होगी।












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