देर रात तक बिगड़ सकता है अन्ना हजारे का स्वास्थ्य

डॉक्टरों की सलाह के बावजूद अन्ना हजारे पानी पीने तक को तैयार नहीं हैं। अपने 170 साथियों के साथ जंतर मंतर पर अनशन पर बैठे हजारे ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में अगर उनकी जान भी चली जाती है तो उनको कोई परवाह नहीं है क्योंकि उनके नहीं रहने के बाद भी कई ऐसे 'अन्ना' पैदा हो जाएंगे जो इस लड़ाई को आगे बढ़ाएंगे।
उन्होंने कहा, "मैं मिट्टी में फेंके जाने वाले अन्न के उस दाने की तरह हूं जिसे बेकार समझ लिया जाता है लेकिन वह जब पौधा बनता है और जब उसमें फल लगता है तो उससे कई और दाने पैदा हो जाते हैं।"
हजारे ने कहा, "यह लोकतंत्र है और हम विधेयक तैयार करने में लोगों की भागीदारी चाहते हैं। हम इस काम में सरकार की ओर से 50 फीसदी और नागरिक समाज से 50 भी प्रतिनिधियों की भागीदारी चाहते हैं।" 'इंडिया एगेंस्ट क्रप्शन' के मुताबिक अभी सरकार ने हजारे से कोई सम्पर्क नहीं किया है लेकिन हजारे ने कहा, "मैं सरकार का इंतजार नहीं कर रहा हूं लेकिन सरकार को लोगों की इच्छाओं के सामने झुकना पड़ेगा।" इसी स्वयंसेवी संगठन के बैनर तले आंदोलन चल रहा है, जिसे कई अन्य संगठन समर्थन दे रहे हैं।
मंगलवार को महात्मा गांधी के समाधि स्थल राजघाट जाकर उन्हें श्रद्धांजलि देने के बाद हजारे ने जंतर-मंतर पर अपना अनशन शुरू किया। अनशन पर बैठने से पहले हजारे ने कहा, "यह दूसरा 'सत्याग्रह' है।"
हजारे समर्थक 'भ्रष्टाचार मिटाएंगे आम को खास बनाएंगे', 'आया आया जनलोकपाल, भागा-भागा भ्रष्टाचार', 'काला धन वापस लाएंगे, भारत को विश्व गुरु बनाएंगे' जैसे नारे लगाते हुए और हाथों में तख्तियां लिए जंतर-मंतर पर एकत्रित हैं। हजारे के समर्थन में सूचना का अधिकार (आरटीआई) कार्यकर्ता अरविंद केजरीवाल, स्वामी अग्निवेश, मैगसेसे पुरस्कार विजेता किरण बेदी, संदीप पांडे सहित अन्य लोग शामिल हुए।
इंडिया अगेंस्ट करप्शन के मुताबिक हजारे के समर्थन में 5000 से अधिक लोग जंतर-मंतर पर एकत्रित हैं जबकि 400 से अधिक शहरों और कस्बों में समर्थकों ने अपने-अपने स्थानों से इस अभियान के लिए अपना समर्थन दिया।












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