सिर्फ सात दिन में ही जारी हो गया था हसन अली का पासपोर्ट

राज्य के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि हसन अली ने 10 अप्रैल को पटना के क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय में आवेदन दिया था और सात दिन बाद ही पासपोर्ट जारी कर दिया गया। पुलिस के अनुसार अशोक कुमार नाम के व्यक्ति को पासपोर्ट सौंपा गया था। पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आलोक कुमार का कहना है कि पटना एसएसपी कार्यालय को जो कागजात सत्यापन के लिए भेजे गए थे उसकी रिपोर्ट 25 जून 1997 को क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय भेजी गई थी परंतु इसके पूर्व ही तत्कालीन क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी एम़ एऩ प्रसाद द्वारा उन्हें पासपोर्ट जारी कर दिया गया था।
उन्होंने बताया कि इस मामले की जांच अब भी जारी है।इस बीच मुंबई पुलिस भी पटना से अली के तार जुड़े होने के कारण पटना पहुंची है।उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों महराष्ट्र के पुणे से गिरफ्तार किए गए व्यवसायी अली ने पटना से पासपोर्ट बनवाने के लिए फर्जी पते का सहारा लिया था। अली को अदालत ने जमानत पर रिहा किया है।
पुलिस के अनुसार पासपोर्ट बनवाने के लिए अली ने स्थानीय पता पटना सिटी के आलमगंज थाना के पठानटोली का और स्थायी पता सीतामढ़ी के बेलसंड का दिया था। जांच के बाद जन्म का स्थान सही नहीं पाए जाने एवं इससे पहले के पासपोर्ट की जानकारी नहीं देने के कारण पासपोर्ट कार्यालय को शक हुआ। इसी आधार पर क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय ने पिछले वर्ष 19 दिसम्बर को पटना के कोतवाली थाना में मामला दर्ज करवाया था।












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