'अनपढ़ और फूहड़ है मायावती': सपा

गुरुवार को श्री यादव आपे से बाहर दिखे और उनका गुस्सा उनकी भाषा पर हावी रहा। उन्होंने कहा कि पार्टी के सात से नौ मार्च तक चले तीन दिवसीय जनांदोलन के शुरु होने के तीन दिन पहले से ही पार्टी कार्यकर्ताओं एवं नेताओं की धरपकड़ शुरु कर दी गई। उन्होंने दावा किसा कि तीन दिन चले आंदोलन में पार्टी कार्यकर्ताओं ने न तो कही तोडफ़ोड़ की और न ही सार्वजनिक सपत्ति को कोई क्षति पहुंचाई। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद इसके अनेक स्थानों पर अधिकारियों की शह पर पार्टी कार्यकर्ताओं पर बर्बर लाठीचार्ज किया गया, जिसमें कई कार्यकर्ता गंभीर रुप से घायल हो गए।
हजारों कार्यकर्ता अब भी जेल में बंद है। माथे पर पट्टी बांधे शिवपाल ने आरोप लगाया कि आज जब वे जिला जेल से रिहा हुए तो वहां नेता प्रतिपक्ष को प्राप्त प्रोटोकाल के अनुसार जिला प्रशासन का कोई अधिकारी मौजूद नहीं था। बाहर कुछ लोग शायद मुख्यमंत्री का पुतला जला रहे थे जिससे पुलिस की लाठियां चली, जिसमें उन्हें और उनके सुरक्षाकर्मी को भी चोट आई।
उन्होंने कहा कि यदि ऐसे में हमारे सुरक्षाकर्मी ने गोली चला दी होती तो क्या होता। उनके साथ मौजूद पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद अखिलेश यादव ने कहा कि कल जिस तरह से अमौसी हवाई अड्डे पर दिल्ली से वापस आने के बाद पुलिस ने उनके साथ र्दुव्यवहार किया, वह इस मामले को लोकसाभा में उठाएंगे। उन्होंने पार्टी के तीन दिवसीय आंदोलन को कामयाब बताते हुए इसमें जनता की भारी भागीदारी का दावा किया और कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं, खासकर नौजवानों और छात्रों की मेहनत तो थी ही ऐसी कामयाबी जनता के सहयोग के बिना भी संभव नहीं थी।












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