अब ट्रेन भी मिलेगी किराये पर

इस योजना के अंतर्गत रेलगाड़ी को एक निश्चित समय तक के लिए ही किराए पर लिया जा सकेगा। केन्द्रीय रेल प्रशासन को ये आभास हुआ है कि उनके द्वारा मालगाड़ियों के कंटेनरों का लीज पर देने के कारण रेल प्रशासन के खाते में एक बड़ी रक़म जमा हुई है। पूर्व केंद्रीय रेलमंत्री लालू प्रसाद यादव के द्वारा यह कार्य पहले भी किया गया है।
यह योजना आज की नहीं बल्कि कई साल पुरानी है। करीब पांच साल पहले टाटा ने अपने कर्मचारियों को 45 दिनों के लिए भारत दर्शन कराया था और अपनी भावी रणनीति को भी, रेलगाड़ी में ही बैठकर तैयार किया। इस गाड़ी में एक बड़ी कंपनी द्वारा रेल पुलिस के जवानों की टीम के साथ ही कंपनी की सुरक्षा भी लगाई गई थी।
उस यात्रा को दोहराने के लिए रेलवे एक बार फिर अपनी ट्रेनें किराये पर देने की तैयारी में है। एक बार फिर वर्तमान केंद्रीय रेलमंत्री ममता बनर्जी द्वारा रेलगाड़ी को किराए पर देने कि योजना तैयार की है। इस योजना के अनुसार कंपनियों को तीन माह पूर्व ही कागजी कार्रवाई को पूरा करना होगा। उक्त रेलगाड़ी मे कार्य कर रहे सभी रेल कर्मचारियों का भी खानपान का वहन कंपनी को ही करना होगा। पश्यिम रेलवे के अधिकारियो का कहना है की इस ज़ोन की बड़ी कंपनिया अगर चाहे तो, उनको भी रेलगाड़ी किराये पर दी जाएगी।












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