पैतृक गांव में अर्जुन सिंह के अंतिम दर्शन को उमड़ी भीड़

अर्जुन सिंह का शुक्रवार को दिल्ली में निधन हो गया था। उनकी पार्थिव शरीर शनिवार शाम को हेलीकाप्टर से सीधी और फिर सड़क मार्ग से साडा लाया गया। रास्ते में अनेक स्थानों पर हजारों की तादाद में मौजूद लोगों ने उन्हें श्रद्घांजलि दी।
सिंह के करीबी राजेंद्र मिश्रा ने बताया कि शनिवार की रात पार्थिव देह को अंतिम दर्शन के लिए साडा स्थित गढ़ी में रखा गया। पूरी रात यहां श्रद्घांजलि देने के लिए लोग आते रहे और शनिवार की सुबह भी लम्बी-लम्बी कतारें लगी रहीं। अंतिम संस्कार उनकी पैतृक भूमि पर करीब साढ़े 11 बजे होगा। अर्जुन सिंह का पैतृक ग्राम सीधी जिले की चुरहट तहसील मुख्यालय के करीब है।
अंतिम संस्कार में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं सहित मध्य प्रदेश के राज्यपाल रामेश्वर ठाकुर व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के पहुंचने की संभावना है।
गौरतलब है कि अर्जुन सिंह पिछले कुछ सालो से अपनी सेहत से जूझ रहे थे , उनको सीने मे दर्द की शिकायत के कारण एक महिना पहले ही दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) मे दाखिल कराया गया था। वहा उन्हें किडनी मे इंफेक्शन होना पाया गया। कल उनकी हालत नाज़ुक बनी हुई थी, शाम को उन्हें सास लेने मे तकलीफ हुई और करीब शाम सवा छह बजे दिल का डोरा पड़ने से उनकी म्रत्यु हुई।
अर्जुन सिंह करीब 6 दशकों तक देश की राजनीती मे कांग्रेस की तरफ से सक्रिय भूमिका निभाते रहे। वे राजीव गाँधी के करीबी माने जाते थे। मध्य प्रदेश के विवादास्पद मामले भोपाल गैस कांड के समय वे ही मुख्यमंत्री थे, उनके साथ ही इस कांड के सारे राज़ दफ़न हो गए की क्यों आरोपी वॉरेन एंडरसन को भारत से विदेश भेजने के लिए उन्हें मजबूर होना पड़ा। अर्जुन सिंह की म्रत्यु को कांग्रेस के लिए एक आघात है।












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