विपक्ष की उल्फा से साठगांठ : गोगोई
पत्रकारों से बातचीत में गोगोई ने कहा, "उल्फा सिर्फ कांग्रेसी नेताओं को ही क्यों निशाना बना रहा है? सभी संकेत इस बात की पुष्टि कर रहे हैं कि उल्फा और अगप आपस में मिले हैं।"
शांति वार्ता का विरोध कर रहे परेश बरुआ के नेतृत्व वाले उल्फा के धड़े ने शनिवार को एक ईमेल कर कांग्रेस नेताओं को जान से मारने की धमकी दी थी और लोगों को आगामी विधानसभा चुनाव में हिस्सा न लेने की चेतावनी दी थी। उल्फा ने सोमवार को एक कांग्रेस नेता भोला शाह की हत्या का प्रयास भी किया था, हालांकि वह बच गए।
गोगोई ने कहा, "अगप के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री प्रफुल्ल कुमार महंत साफ कह रहे हैं कि परेश बरुआ अभी बातचीत के लिए नहीं आएंगे। उल्फा और असम गण परिषद के बीच साठगांठ का यह एक और संकेत है।"
वर्ष 1996 से अब तक विधानसभा चुनावों के दौरान उल्फा कम से कम दर्जनभर कांग्रेसी नेताओं की हत्या कर चुका है। उल्फा के एक धड़े ने अपने बयान में कहा कि कांग्रेस उसके कुछ नेताओं को शांति वार्ता का प्रलोभन देकर उनके बीच विभाजन कर रही है।
उल्फा के एक धड़े के नेता अरबिंद राजखोवा के नेतृत्व में 10 फरवरी को उल्फा और सरकार के बीच पहले दौर की वार्ता हुई।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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