'गोधरा फैसले से न्यायपालिका में विश्वास मजबूत हुआ'
मौलवी के बेटे सईद उमरजी ने कहा, "जिस तरीके से उन्हें आठ वर्षो तक जेल में रखा गया था, यह एक बड़ा अन्याय था। लेकिन विशेष अदालत के फैसले से न्यायपालिका में मेरा विश्वास मजबूत हुआ है।"
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पी.आर.पटेल ने यहां स्थित साबरमती केंद्रीय कारागार परिसर में यह फैसला सुनाया। न्यायाधीश पटेल ने 31 लोगों को दोषी करार दिया, जबकि 63 लोगों को बरी कर दिया।
अदालत ने गोधरा में 2002 में रेलवे स्टेशन के पास साबरमती एक्सप्रेस की बोगी संख्या एस-6 में लगाई गई आग के मामले 31 लोगों को दोषी करार दिया। इस घटना में 59 यात्री जिंदा जल गए थे। मृतकों में अधिकांश कार सेवक थे, जो अयोध्या से लौट रहे थे। इस घटना के बाद पूरे गुजरात राज्य में सांप्रदायिक दंगे भड़क गए थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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